अयोध्या। हाल ही में अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामलों ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। इस विवाद और मंदिर के लगातार बढ़ते आर्थिक व प्रशासनिक साम्राज्य को देखते हुए अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। राम मंदिर के पूरे सिस्टम को अब पेशेवर (Professional) और पारदर्शी बनाने के लिए पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
ट्रस्ट ने साफ कर दिया है कि अब मंदिर का मैनेजमेंट किसी आम ढर्रे पर नहीं, बल्कि बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) की तर्ज पर चलाया जाएगा।
क्यों पड़ी राम मंदिर को एक ‘CEO’ की जरूरत?
राम मंदिर में देश-विदेश से हर दिन करोड़ों रुपये का चढ़ावा और लाखों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। हालिया विवादों ने यह साबित किया कि इतने बड़े स्तर के वित्तीय और प्रशासनिक काम को संभालने के लिए एक कड़क और अनुभवी ‘कॉर्पोरेट स्टाइल’ मैनेजमेंट की जरूरत है।
CEO की मुख्य जिम्मेदारी: नवनियुक्त CEO सीधे ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे। उनके कंधों पर मंदिर के सभी कानूनी, प्रशासनिक और आर्थिक कामों को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता (Transparency) और जवाबदेही के साथ संभालने का जिम्मा होगा। पैसों के लेनदेन और अकाउंटिंग के लिए वे एक फुल-प्रूफ सिस्टम तैयार करेंगे।
50 से 70 की उम्र और 20 साल का बॉस वाला अनुभव: क्या हैं शर्तें?
राम मंदिर का CEO बनना कोई आम बात नहीं होगी। ट्रस्ट ने इसके लिए बेहद सख्त और अनूठी शर्तें रखी हैं। अगर आप भी इस पद की दौड़ में शामिल होना चाहते हैं, तो इन पैमानों पर खरा उतरना होगा:
अनिवार्य योग्यताएं (Eligibility Criteria)
- उम्र सीमा: उम्मीदवार की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए (युवाओं के लिए नो एंट्री, सिर्फ अनुभवी दिग्गजों को मौका)।
- धार्मिक शर्त: उम्मीदवार का मूल रूप से हिंदू होना अनिवार्य है।
- अनुभव का समंदर: किसी बड़ी कंपनी या संस्थान के प्रबंधकीय (Managerial) स्तर पर कम से कम 20 साल कार्य करने का अनुभव होना चाहिए।
- शिक्षा व भाषा: स्नातक (Graduation) की डिग्री के साथ-साथ हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर मजबूत पकड़ जरूरी है।
इन्हें मिलेगी प्राथमिकता (Preference)
ट्रस्ट के मुताबिक, ऐसे रिटायर्ड अधिकारी जिन्होंने पहले किसी बड़े मंदिर, हिंदू धार्मिक संस्था के मैनेजमेंट को संभाला हो या मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (CAO) के रूप में काम किया हो, उन्हें चयन में पहली प्राथमिकता दी जाएगी।
कार्यकाल, सैलरी और सुविधाएं: सब कुछ ‘VVIP’
| पैरामीटर | विवरण |
| कार्यकाल (Tenure) | शुरुआती तौर पर 3 साल के लिए नियुक्ति होगी। |
| सैलरी (Salary) | तय फिक्स सैलरी नहीं है; यह उम्मीदवार के अनुभव के आधार पर आपसी बातचीत (Negotiable) से तय होगी। |
| सुविधाएं (Perks) | रहने, गाड़ी और अन्य सुविधाओं का फैसला चयन के बाद बाद में लिया जाएगा। |
आवेदन कैसे करें? (लास्ट डेट बेहद नजदीक)
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोशल मीडिया पर इस भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी किया है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 18 जुलाई, 2026 की शाम 4:00 बजे तक ही आवेदन कर सकते हैं।
- आवेदन का माध्यम: उम्मीदवारों को अपने सभी जरूरी दस्तावेजों और बायोडाटा के साथ searchcommittee.srjbt@gmail.com पर ईमेल करना होगा।
देखना दिलचस्प होगा कि देश की कॉर्पोरेट दुनिया या प्रशासनिक सेवाओं (जैसे IAS/IPS) से रिटायर हो चुका कौन सा बड़ा चेहरा रामलला के इस सबसे बड़े प्रशासनिक पद को संभालने अयोध्या पहुंचता है।