Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: 29 सीटों पर क्यों चल रहा है ‘तीर ही लालटेन है’ का नारा? ‘चिराग’ बुझाकर ‘लालटेन’ जलाने की नीतीश की नई रणनीति !
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > 29 सीटों पर क्यों चल रहा है ‘तीर ही लालटेन है’ का नारा? ‘चिराग’ बुझाकर ‘लालटेन’ जलाने की नीतीश की नई रणनीति !
Trending Newsसियासी

29 सीटों पर क्यों चल रहा है ‘तीर ही लालटेन है’ का नारा? ‘चिराग’ बुझाकर ‘लालटेन’ जलाने की नीतीश की नई रणनीति !

news desk
Last updated: October 27, 2025 1:14 pm
news desk
Share
‘चिराग’ बुझाकर ‘लालटेन’ जलाने की नीतीश की नई रणनीति
‘चिराग’ बुझाकर ‘लालटेन’ जलाने की नीतीश की नई रणनीति
SHARE

बिहार की सियासत को लेकर तमाम विरोधाभास हो सकता है लेकिन जिस एक लाइन पर सबकी सहमति है, वो ये कि आज भी बिहार की राजनीति का केन्द्र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही हैं. नीतीश कुमार के बारे में एक और बात यहां कही जाती है कि ‘नीतीश कभी कुछ भी भूलते नहीं है, और किसी भी दांवपेंच का कोई उधार भी नहीं रखते हैं’.

बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की एक रणनीति के बारे में खूब चर्चा हो रही है. वो रणनीति जिसके पीछे 2020 का उधार चुकाने की बात कही जा रही है. बिहार की राजनीति के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले नीतीश कुमार अब उस ‘घाव’ का बदला ले रहे हैं जो 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने दिया था.

2020 का बदला 2025 में ?

2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने एनडीए से अलग होकर अकेले मैदान में उतरने का फैसला किया था. तब पार्टी ने बीजेपी के बजाय मुख्य रूप से जेडीयू के खिलाफ उम्मीदवार खड़े किए थे. चिराग ने खुद को “मोदी का हनुमान” बताते हुए बीजेपी का खुला समर्थन किया, लेकिन जेडीयू के खिलाफ हर सीट पर मोर्चा खोल दिया. नतीजा यह हुआ कि लोजपा ने लगभग 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जिनमें से करीब 122 सीटों पर जेडीयू मैदान में थी.

इन मुकाबलों में लोजपा उम्मीदवारों ने 5,000 से लेकर 15,000 तक वोट काटे, जिससे जेडीयू को करीब 25-30 सीटों का सीधा नुकसान हुआ था. जेडीयू 71 (2015) से घटकर सिर्फ 43 सीटों पर सिमट गई थी.

‘तीर’ ही ‘लालटेन’ है!

2025 के चुनाव में तस्वीर बदली हुई है. इस बार लोजपा (रामविलास) एनडीए के साथ मिलकर 29 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. अब सूत्रों की माने तो, जेडीयू के स्थानीय कार्यकर्ता पूरी कोशिश में हैं कि इन सीटों पर लोजपा को हर हाल में नुकसान पहुंचे.

बिहार के वरिष्ठ पत्रकार कन्हैया भेलारी का कहना है कि ‘2020 में जब चिराग पासवान चुनाव लड़ रहे थे तो उनके कार्यकर्ता कह रहे थे कि भाजपा ही लोजपा है, लोजपा ही भाजपा है. इस बार मौका मिला है तो नीतीश कुमार के कोर वोटर ये बात भूल जायेंगे?’

माना जा रहा है कि 2020 की तर्ज पर इस बार उन 29 सीटों पर जहां चिराग पासवान की पार्टी के उम्मीदवार हैं वहां जेडीयू के कार्यकर्ता नारा दे रहे हैं कि ‘तीर’ ही ‘लालटेन है’. सूत्रों के मुताबिक इन सीटों पर जेडीयू कार्यकर्ता अपने गठबंधन के बजाए आरजेडी के उम्मीदवारों को जिताने के लिए रणनीति बना रहे हैं.

बिहार चुनाव 2025 नीतीश कुमार रणनीति
बिहार चुनाव 2025 नीतीश कुमार रणनीति

गठबंधन के तहत गोविंदगंज, सिमरी, बख्तियारपुर, दरौली, गरखा, साहेबपुर कमाल, बखरी, परबत्ता, नाथनगर, पालीगंज, ब्रह्मपुर, डेहरी, हलरामपुर, मखदुमपुर, ओबरा, सुगौली, बेलसंड, मढ़ौरा, शेरघाटी, बोधगया, रजौली, गोविंदपुर, बोचहा, फतुहा, बहादुरगंज, महुआ, चेनारी, मनेर, कसबाये ये वो सीटें हैं जो चिराग पासवान के कोटे में गई हैं.

एनडीए के बीच इस घमासान पर कांग्रेस नेता प्रो. रविकांत ने भी चुटकी ली, उनका कहना है कि ‘एनडीए की हालत ये है कि वे आपस में ही सिर-फुटव्वल कर रहे हैं. नीतीश कुमार चिराग पासवान को डुबाने पर लगे हैं और चिराग पासवान को तो यही टास्क ही मिला है नीतीश कुमार को कमजोर करना. नीतीश कुमार पुराने खिलाड़ी हैं उनके सामने चिराग पासवान जैसे नौजवान, नौसिखिए जिनका कोई एजेंडा नहीं है, कोई विचारधारा नहीं है, नहीं टिक सकेंगे.’

सूत्रों की माने तो जेडीयू के साथ जीतन राम मांझी की पार्टी भी चिराग पासवान का खेल बिगाड़ने में शामिल है.

सीएम पद की गुणा गणित!

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर इस बार लोजपा को नुकसान होता है, तो इसका सीधा फायदा नीतीश कुमार को मिलेगा. वह फिर से एनडीए में अपनी स्थिति मजबूत करेंगे और चिराग पासवान को उसी खेल से मात देंगे, जो 2020 में उनके खिलाफ खेला गया था. दरअसल ये पूरा खेल सीएम पद को लेकर भी है. इस बार बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने नीतीश कुमार को सीएम बनाने की बात नहीं कही है. माना जा रहा है कि इस बार बीजेपी नीतीश कुमार के बजाए अपना सीएम बनाना चाहती है. ऐसे में नीतीश की कोशिश है कि उनके पास ज्यादा से ज्यादा विधायकों की संख्या तो हो ही विपक्ष भी इस स्थिति में रहे कि मौका बने तो महागठबंधन के समर्थन से नीतीश सीएम बन सकें.

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: #BiharElection2025, #BiharNews, #BiharPolitics, #BJP, #BreakingNews, #ChiragPaswan, #ElectionNews, #indianpresshouse, #jdu, #LatestNews, #LJP, #NDA, #NITISHKUMAR, #PoliticalStrategy, #RJD, #TejashwiYadav
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article कैसे पूरे घर पर पड़ी भारी सजा? बिग बॉस 19: डबल एविक्शन के बाद मास नॉमिनेशन का धमाका !अशनूर-अभिषेक की गलती से कैसे पूरे घर पर पड़ी भारी सजा?
Next Article ₹455 करोड़ का Studds Accessories IPO लॉन्च के लिए तैयार! ₹455 करोड़ का इस हेलमेट कंपनी  का IPO महीने के अंत तक होगा लॉन्च! जानिए कंपनी की ग्रोथ, प्रॉफिट और रिस्क फैक्टर की पूरी कहानी

फीचर

View More

Friendship Day 2026: दोस्तों के साथ यादगार बनाएं वीकेंड, दिल्ली से 500 किमी के भीतर मौजूद इन खूबसूरत डेस्टिनेशन पर करें ट्रिप

नई दिल्ली: फ्रेंडशिप डे 2026 को खास बनाने के लिए अगर आप दोस्तों के साथ वीकेंड ट्रिप की योजना बना…

By vineet verma 4 Min Read

शिमला-मनाली से हो गए बोर? हिमाचल का ये छुपा हुआ स्वर्ग बना सकता है आपकी ट्रिप यादगार, दोस्तों संग जरूर करें एक्सप्लोर

नई दिल्ली: अगर इस बार छुट्टियों में शिमला और मनाली जैसी भीड़भाड़…

3 Min Read

शिमला की भीड़ से दूर चाहिए सुकून? एक बार घूम आइए मटियाना, सेब के बागों से लेकर पहाड़ों के नजारे जीत लेंगे दिल

शिमला: अगर आप पहाड़ों की खूबसूरती का आनंद लेना चाहते हैं, लेकिन…

3 Min Read

विचार

View More

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की दस्तक हो चुकी है।…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

You Might Also Like

Trending Newsउत्तर प्रदेशराज्य

‘जौहर यूनिवर्सिटी पर फिलहाल नहीं चलेगा बुलडोजर’… 38 इमारतों पर कार्रवाई पर लगी रोक, कमिश्नर के आदेश से प्रशासन के कदम थमे

रामपुर: जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई फिलहाल टल गई है। मुरादाबाद मंडल आयुक्त ने रामपुर विकास…

3 Min Read
Trending Newsसियासी

‘क्या छात्र आतंकवादी थे?’… AK-47 और FIR पर सरकार को प्रियंका गांधी का घेरा, संसद में गृह मंत्री से मांगा जवाब

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 के इस्तेमाल और…

4 Min Read
Trending Newsराज्य

‘मैं AC वाला एक्टिविस्ट नहीं, सड़क का लड़ाका हूं’… जयराम रमेश की टिप्पणी पर धर्मेंद्र प्रधान का तीखा पलटवार, संसद में छिड़ी जुबानी जंग

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सोमवार को संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान को लेकर सत्ता…

3 Min Read
Trending Newsसियासी

‘क्या प्रधानमंत्री भगवान हैं?’… छात्रों पर FIR को लेकर CJP का हमला, बोले- वादा निभाए सरकार, मजाक लोकतंत्र का हिस्सा

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन समाप्त होने के बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। कॉकरोच जनता…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?