Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: लद्दाख हिंसा में मारे गए लोगों में कारगिल युद्ध में शामिल त्सेवांग की भी मौत, पिता बोले-“पाकिस्तानी ना मार सके, अपनी ही फोर्स ने मार दिया”
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > लद्दाख हिंसा में मारे गए लोगों में कारगिल युद्ध में शामिल त्सेवांग की भी मौत, पिता बोले-“पाकिस्तानी ना मार सके, अपनी ही फोर्स ने मार दिया”
Trending Newsराज्य

लद्दाख हिंसा में मारे गए लोगों में कारगिल युद्ध में शामिल त्सेवांग की भी मौत, पिता बोले-“पाकिस्तानी ना मार सके, अपनी ही फोर्स ने मार दिया”

news desk
Last updated: September 29, 2025 6:44 pm
news desk
Share
लद्दाख हिंसा में मारे गये पूर्व सैनिक त्सेवांग थारचिन
लद्दाख हिंसा में मारे गये पूर्व सैनिक त्सेवांग थारचिन
SHARE

लद्दाख के लेह इलाके में हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग में कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिक त्सेवांग थारचिन की मौत ने पूरे देश में हलचल मचा दी है.कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को लेकर कड़ी नाराज़गी जताई है और इसे “गंभीर चिंता और गुस्से का विषय” करार दिया है.

लद्दाख त्सेवांग थारचिन के 1996 से 2017 तक लद्दाख स्काउट्स में हवलदार रहे और Kargil War में हिस्सा लिया था. उन्होंने द्रास के दह टॉप और तोलोलिंग सेक्टर में पाकिस्तानी घुसपैठियों से लोहा लिया था.
त्सेवांग थारचिन सिर्फ़ एक सैनिक नहीं थे — वे दूसरी पीढ़ी के योद्धा थे. उनके पिता स्तानजिन नामग्याल भी कारगिल युद्ध लड़ चुके हैं. 2002 में वे सूबेदार मेजर और मानद कैप्टन के पद से रिटायर हुए थे. बेटे की मौत के बाद टूटे स्वर में उन्होंने कहा,- “मेरा बेटा देशभक्त था. पाकिस्तानी मार ना सके, हमारी ही फोर्स ने मार दिया. क्या हमारे जैसे देशभक्तों के साथ ऐसा बर्ताव होना चाहिए?”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता जयराम रमेश ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए लिखा कि:”थारचिन ने सियाचिन की बर्फीली चोटियों पर देश की सेवा की थी और 1999 के कारगिल युद्ध में साहसिक भूमिका निभाई थी। उनके पिता भी भारतीय सेना के सिपाही रह चुके हैं.”
उन्होंने बताया कि त्सेवांग थारचिन लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत लाने की माँग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे.जयराम रमेश ने आगे कहा,”यह बेहद दुखद और शर्मनाक है कि ऐसे सिपाही, जो देश के लिए लड़े, उन्हें अपनी ही जमीन पर विरोध की आवाज़ उठाने पर गोली का सामना करना पड़ा.”

प्रदर्शन,और पुलिस कार्रवाई

24 सितंबर को लेह शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था, जब लेह एपेक्स बॉडी (LAB) द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव हो गया.
LAB लंबे समय से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा की माँग को लेकर आंदोलन चला रही है.
उसी दिन की झड़पों में 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे, जिनमें करीब 80 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.
अब तक 60 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें दो निर्वाचित प्रतिनिधि (पार्षद) भी शामिल हैं.

सोनम वांगचुक को NSA में हिरासत

26 सितंबर को लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया.बाद में उन्हें जोधपुर जेल में भेज दिया गया है.वांगचुक पिछले कई महीनों से शांतिपूर्ण ढंग से लद्दाख के मुद्दों को उठाते आ रहे थे और उनका नाम इस आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा बन चुका था.

कांग्रेस की सख्त मांग:कांग्रेस पार्टी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि:
शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने वाले लोगों पर बल प्रयोग और गोलीबारी पूरी तरह लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है.ऐसी घटनाओं की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों को जवाबदेह ठहराया जा सके.

जयराम रमेश ने यह भी कहा कि:”एक सच्चा लोकतंत्र वही है जो असहमति की आवाज़ को सुने-न कि उसे गोली से चुप कराए”.

लद्दाख की यह घटना केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि लोकतंत्र, अधिकार और संवैधानिक मांगों के टकराव की कहानी बन गई है.एक ऐसा सैनिक जिसने दुश्मनों के खिलाफ देश की रक्षा की, उसे अपने ही घर में विरोध जताने पर जान गंवानी पड़ी,यह हर भारतीय के लिए सोचने का विषय है.

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: #BreakingNews, #Congress, #Democracy, #HumanRights, #IndianArmy, #IndiaNews, #indianpresshouse, #JairamRamesh, #KargilWar, #Ladakh, #LadakhApexBody, #Protest, #SixthSchedule, #SonamWangchuk, #TsewangTharchin, #violence
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article बिहार की राजनीति में शिल्पी रेप और मर्डर केस की एंट्री बिहार की राजनीति में हुई ‘शिल्पी रेप और मर्डर’ केस की एंट्री, पीके ने की सम्राट चौधरी की गिरफ्तारी की मांग
Next Article 'The Raja Saab' का ट्रेलर रिलीज़ ‘The Raja Saab’ का ट्रेलर रिलीज़ — प्रभास की हॉरर-कॉमेडी ने फैंस को दी ‘फुल मील’ ट्रीट!

फीचर

View More
AT1 बॉन्ड्स HDFC Bank विवाद

HDFC Bank Crisis Explained: AT1 Bonds का सच — क्यों HDFC Bank विवाद ने हिला दी “सेफ इन्वेस्टमेंट” की धारणा ?

नई दिल्ली:  भारत के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank में अचानक उठा विवाद सिर्फ एक इस्तीफे की खबर नहीं…

By Gopal Singh 5 Min Read

अली खामेनेई से अली लारीजानी तक: ईरान के 6 शीर्ष चेहरे, जिन्हें गंवानी पड़ी जान

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की जंग को अब 18 दिन…

5 Min Read
राज्यसभा चुनाव 2026 क्रॉस वोटिंग कांग्रेस

राज्यसभा चुनाव 2026: ओडिशा से बिहार तक क्रॉस वोटिंग का खेल, मुस्लिम विधायकों ने भी दिया झटका !

16 मार्च 2026 के राज्यसभा चुनावों ने सिर्फ राजनीतिक समीकरण नहीं बदले,…

5 Min Read

विचार

View More
भारत–पाकिस्तान क्रिकेट राइवलरी

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ : भारत–पाकिस्तान…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

You Might Also Like

Trending Newsसियासी

“बीजू पटनायक पर विवादित बयान: BJP नेता घिरे, माफी मांगने पर मजबूर”

झारखंड के गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते…

3 Min Read
Trending Newsक्राइम

“स्वयंभू बाबा अशोक खरात केस: गंदे कृत्यों के आरोपों के बीच बेटे से पूछताछ, क्या खुलेंगे राज?”

खुद को ‘भोंदू बाबा’ बताने वाले रेप के आरोपी स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ जांच तेज हो गई है।…

2 Min Read
Trending Newsसियासी

दिल्ली की राह पर नीतीश कुमार? बिहार में नए CM को लेकर तेज हुई हलचल

पटना। बिहार में एक बार फिर सियासी बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। दरअसल, नीतीश कुमार राज्य की राजनीति का…

2 Min Read
Trending Newsखेल

IPL 2026: जीत के बाद श्रेयस अय्यर को लगा बड़ा झटका, कप्तानी की एक गलती पड़ी भारी

अहमदाबाद: पंजाब किंग्स ने आईपीएल 2026 के अपने पहले मुकाबले में गुजरात टाइटंस को 3 विकेट से हराकर शानदार शुरुआत…

2 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?