लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली माने जाने वाले रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. पहले भी दोनों के बीच घरेलू कलह और आरोप-प्रत्यारोप की ख़बरें सुर्खियों में रहीं. लेकिन अब यह मामला और गंभीर होता दिख रहा है. दरसल हाल ही में राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने ट्विटर पर एक पोस्ट सांझा की और राजा भैया पर गंभीर आरोप लगाए. जिसके बाद अब राजा भैया के बेटों ने भी अपने पिता का समर्थन करते हुए ट्विटर पर पोस्ट सांझा किया.
ट्विटर पर लगाए नए आरोप
ताज़ा घटनाक्रम में भानवी सिंह ने अपने ट्विटर (X) अकाउंट पर एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए राजा भैया पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने लिखा कि राजा भैया का संबंध अवैध गतिविधियों और ख़ासकर खतरनाक किस्म के अवैध हथियारों से है. भानवी सिंह ने दावा किया कि उन्होंने अवैध हथियारों के पूरे जखीरे के सबूत पीएमओ, गृहमंत्रालय और संबंधित एजेंसियों को सौंपे हैं. लेकिन इसके बावजूद जांच में लापरवाही बरती जा रही है. उनका कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद से ही उन्हें और उनकी बेटियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा है. जबकि जांच एजेंसियां हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं.
साझा की तस्वीर और नाम
भानवी सिंह ने एक तस्वीर भी साझा की जिसमें आशिका सिंह नाम की महिला कथित अवैध हथियार के साथ दिखाई दे रही है. उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में दुबई निवासी यशोधन शेट्टी के खिलाफ दुबई पुलिस में शिकायत दर्ज है और वहां पर जांच जारी है.
गंभीर सवाल खड़े किए
अपने पोस्ट में भानवी सिंह ने कई सवाल उठाए क्या किसी व्यक्ति को इतनी बड़ी मात्रा में खतरनाक हथियार रखने की अनुमति है? क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर अपराध नहीं है? और क्या ऐसे लोगों से आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरा नहीं है? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति पर यह मामला है. उसका एक ऑडियो सार्वजनिक है जिसमें उसने गोली चलाने की बात स्वीकार की और दोबारा धमकी दी. भानवी सिंह ने साफ कहा कि उन्होंने स्वेच्छा से घर नहीं छोड़ा था बल्कि लगातार धमकियों और दबाव के कारण मजबूरन घर से बाहर निकलना पड़ा. उनका कहना है कि यह रिश्तों का नहीं बल्कि अपराध का मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
सीबीआई जांच की मांग
सीबीआई जांच की मांग करते हुए भानवी सिंह ने कहा कि मेरे पास राजनीतिक दल नहीं है. मैं कार्यकर्ताओं का सहारा नहीं ले सकती. लेकिन मेरे पास सच और सबूत हैं. अब यह देखना है कि क्या इस देश में निष्पक्ष जांच संभव है या नहीं.