उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में दीपावली की खुशियों के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गोलगप्पे खाने के बाद एक साथ 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ गई। मामला खेसरहा थाना क्षेत्र के कलनाखोर, पेड़ारी समेत आसपास के दो-तीन गांवों का है। बताया जा रहा है कि एक स्थानीय फुल्की विक्रेता से गोलगप्पे खाने के कुछ देर बाद लोगों को उल्टी, चक्कर और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते गांवों के कई परिवारों में लोग बीमार पड़ने लगे। इस घटना में बच्चों से लेकर महिलाओं और बुजुर्गों तक की तबीयत बिगड़ी है। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कई पीड़ितों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया।
फुल्की खाने के बाद शुरू हुई उल्टी और पेट दर्द की शिकायत
जानकारी के मुताबिक, खेसरहा क्षेत्र के गांवों में एक स्थानीय विक्रेता घूम-घूमकर फुल्की बेचता था। ग्रामीणों ने उससे गोलगप्पे खाए थे। इसके कुछ ही समय बाद लोगों की तबीयत खराब होने लगी।
शुरुआत में लोगों को उल्टी, चक्कर और पेट दर्द की शिकायत हुई, लेकिन कुछ ही देर में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। एक साथ कई लोगों की हालत बिगड़ने से परिजन घबरा गए और उन्हें अस्पताल ले जाने लगे। आशंका जताई जा रही है कि दूषित खाद्य सामग्री खाने की वजह से यह घटना हुई है। हालांकि, फूड प्वाइजनिंग की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
सीएचसी से मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाए गए मरीज
शुरुआत में बीमार लोगों को स्थानीय दवाखानों में ले जाया गया। हालत में सुधार नहीं होने और उल्टी-दस्त की शिकायत बढ़ने पर मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेसरहा और आसपास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर मरीजों को जिला मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर रेफर कर दिया। फिलहाल बड़ी संख्या में प्रभावित लोगों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
कई बच्चों की हालत गंभीर, डॉक्टरों की टीम कर रही निगरानी
इस घटना में सबसे ज्यादा चिंता छोटे बच्चों की स्थिति को लेकर है। अस्पताल में भर्ती अधिकांश मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि कुछ बच्चों की स्थिति गंभीर होने की जानकारी सामने आई है। डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है।
दीपावली के दिन एक साथ इतने लोगों के बीमार पड़ने से प्रभावित गांवों में त्योहार की खुशियां फीकी पड़ गई हैं। पीड़ित परिवारों में चिंता का माहौल है।
स्वास्थ्य विभाग से आधिकारिक जानकारी का इंतजार
मामले में पीड़ित सुखई और एक बीमार बच्चे के दादा भोला से भी बातचीत की गई है। वहीं, इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों और सिद्धार्थनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) का आधिकारिक पक्ष लिया जाना है।
फिलहाल मरीजों की वास्तविक संख्या, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और फूड प्वाइजनिंग के कारणों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत जानकारी का इंतजार है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि गोलगप्पों में इस्तेमाल की गई किस सामग्री की वजह से इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए।