- उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक मौसम का मिजाज बदलने वाला है
- मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
- वहीं, उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश से ठंड बढ़ गई है
लखनऊ। उत्तर भारत में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। एक ओर उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना जताई गई है, तो दूसरी ओर उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और विभिन्न मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से देश के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। दक्षिण भारत में भी अगले कुछ दिनों तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।
मौसम में इस बदलाव का असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, यात्रा और तापमान पर पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
UP Rain Alert: पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को बारिश को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, 30 अक्टूबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आ सकती है। हालांकि, बारिश का असर जिले और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
लखनऊ समेत प्रदेश के अन्य जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। खासकर यात्रा करने वाले लोगों को बारिश की स्थिति को ध्यान में रखकर अपनी योजना बनानी चाहिए।
उत्तराखंड में बर्फबारी, केदारनाथ से औली तक बढ़ी ठंड
उत्तराखंड में मौसम का असर पहाड़ी इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। गुरुवार सुबह से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और औली समेत कई स्थानों पर बर्फबारी दर्ज की गई है। बदरीनाथ क्षेत्र की ऊंची चोटियों, जिनमें नीलकंठ और नर-नारायण पर्वत शामिल हैं, पर भी हिमपात की सूचना मिली है।
रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम में बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आई है। मौसम में आए इस बदलाव से पहाड़ी क्षेत्रों में सर्दी का असर तेज हो गया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर को उत्तराखंड में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए।
हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में भी बदलेगा मौसम
उत्तर भारत के दूसरे राज्यों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पंजाब के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना है।
पूर्वी राजस्थान में 29 और 30 अक्टूबर को कहीं-कहीं ओले गिर सकते हैं। वहीं, उत्तराखंड में 30 अक्टूबर को ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के मौसम में बदलाव आने की संभावना है। बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
छत्तीसगढ़, ओडिशा और बिहार में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर बने दबाव क्षेत्र के कारण भी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
29 अक्टूबर को पूर्वी छत्तीसगढ़ और उससे सटे उत्तरी ओडिशा में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, 30 अक्टूबर को उत्तरी बिहार के कुछ हिस्सों में भी बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रह सकती है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा डिप्रेशन, दक्षिण भारत में भी बारिश
दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और लगभग 31 अक्टूबर तक दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई गई है।
इसके बाद इस मौसमी प्रणाली के और तीव्र होने तथा अगले दो दिनों के दौरान आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने का अनुमान है।
दक्षिण भारत में भी कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। 29 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा, 29 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी अलग-अलग तारीखों पर बारिश का पूर्वानुमान है।
उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 30 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच बारिश हो सकती है। वहीं, तेलंगाना में 29 अक्टूबर से 1 नवंबर और फिर 3 तथा 4 नवंबर को कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
दक्षिण भारत में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका
बारिश के साथ कुछ राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी खतरा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में कहीं-कहीं आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
केरल, माहे तथा उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 1 और 2 नवंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
ऐसे मौसम में खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है।
मौसम विभाग की चेतावनी पर रखें नजर
देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश में बारिश का असर स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा, जबकि उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ सकती है। अगले कुछ दिनों में मौसम की स्थिति किस तरह बदलती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।