‘नीला ड्रम’ का नाम सुनते ही लोगों के जेहन में किसी खौफनाक वारदात की तस्वीर उभरने लगती है। मेरठ के चर्चित ‘नीले ड्रम कांड’ के बाद यह शब्द एक बार फिर चर्चा में है। इस बार प्रयागराज से सामने आए मामले ने इलाके में हलचल मचा दी है। यहां जमीन के अंदर गाड़े गए तीन नीले ड्रमों से 500-500 रुपये के नोटों के बंडल बरामद हुए हैं। दरअसल, नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव में पुलिस ने एक घर पर दबिश देकर जमीन में गाड़े गए तीन नीले ड्रम बरामद किए। ड्रम खोलने पर उनके अंदर बड़ी संख्या में 500 रुपये के नोटों के बंडल मिले। इस बरामदगी के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, बरामद रकम कितनी है और उसका स्रोत क्या है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मुंबई और प्रयागराज पुलिस का ज्वाइंट ऑपरेशन
पूरा मामला यह है कि बरईपुर रामनगर गांव में बुधवार देर शाम मुंबई पुलिस और प्रयागराज पुलिस की संयुक्त टीम ने राजेश यादव और राकेश यादव उर्फ महाकाल के मकान को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया। मकान के अंदर एक कमरे की जमीन खोदकर पुलिस ने 3 नीले ड्रम बरामद किए।
ड्रम खोलने पर पता चला कि उसमें 500-500 रुपये की गड्डियां भरी हुई हैं। बरामद रकम चार से पांच करोड़ रुपये होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में पुलिस गांव के चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सूचना मिलते ही एडीसीपी पुष्कर वर्मा समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे।
पुणे कनेक्शन और लॉकडाउन की थ्योरी
वहीं, आसपास के लोगों का कहना है कि राजेश यादव का भाई बबलू यादव पिछले कई वर्षों से पुणे में रहता था। वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन में वह गांव आया था।
उस समय उसके साथ दो जीजा और एक साढू भी आए थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह भारी-भरकम रकम उन्हीं के जरिए लाए जाने की चर्चा है।
बरामद रकम का स्रोत अज्ञात, पुलिस जांच जारी
डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार ने बताया कि बरामद रुपयों को ड्रम सहित वीडियोग्राफी करवाकर मालखाने में सुरक्षित रखवा दिया गया है। संबंधित विभागों को भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है। हालांकि, रकम के वास्तविक स्रोत और उसे मकान में इस तरह छिपाकर रखने के असली कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।