Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: हिंदी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक, साहित्यिक और ऐतिहासिक विरासत की पहचान
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > हिंदी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक, साहित्यिक और ऐतिहासिक विरासत की पहचान
Trending Newsविचार

हिंदी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक, साहित्यिक और ऐतिहासिक विरासत की पहचान

news desk
Last updated: September 13, 2025 6:28 pm
news desk
Share
हिंदी दिवस विशेष
हिंदी दिवस विशेष
SHARE

हिंदी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक, साहित्यिक और ऐतिहासिक विरासत की पहचान है. 14 सितंबर 1949 को हिंदी हमारे देश की राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठित हुई. भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में हिंदी भाषा की सहज बोधगम्यता और स्वीकार्यता को देखते हुए स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों ने अपनी आंखों में हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने के सपने सजाए थे. हिंदी को इस स्थिति तक पहुंचने में गुजराती भाषी गांधी, मराठी भाषी बाल गंगाधर तिलक,बांग्ला भाषी केशवचंद्र सेन, दक्षिण के सी. राजगोपालाचारी, मोटुरी सत्यनारायण रेड्डी जैसे अनेकानेक हिंदी साधकों की बड़ी भूमिका रही है.

संविधान के आठवीं अनुसूची में प्रारंभ में कुल 15 भाषाएं थीं. आज और प्रांतीय और क्षेत्रीय भाषाओं को जोड़ते हुए उनकी कुल संख्या 22 तक पहुंच चुकी है. हिंदी के लिए विशिष्ट उपलब्धि यह है कि इन सभी भारतीय भाषाओं में हिंदी को मुखिया का दायित्व मिला है. नायक के रूप में हिंदी भाषा की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण और उपादेय हो जाती है क्योंकि हिंदी मूलतः एक भाषिक समूह है. भाषिक समूह से तात्पर्य भाषा का वह रूप जो भिन्न-भिन्न भाषाओं के शब्दों को समावेशित करके बनता है. इस प्रकार हिंदी भाषा समावेशी प्रकृति की भाषा है. इसमें कुछ शब्द तत्सम , तो कुछ तद्भव ,कुछ देशज शब्द, कुछ विदेशी और कुछ संकर शब्दों का समावेश है. इस दृष्टि से भी हिंदी भाषा का नायकत्व और प्रासंगिक हो जाता है. वह अपने तमाम क्षेत्रीय और प्रांतीय भाषा के शब्दों को आत्मसात करते हुए ,उनसे सीधा संवाद स्थापित करते हुए, उनके शब्दों को अपने चलन में लाते हुए अपना स्वरूप निर्मित करती है. मराठी , बांग्ला जैसी भाषाएं हों अथवा अवधी, भोजपुरी, ब्रज जैसी बोलियां ,इन के शब्दों को हिंदी सहजता से आत्मसात करती है. समस्त भारतीय भाषाओं के समृद्ध साहित्यिक और ऐतिहासिक विरासत से वह अपना दाय ग्रहण कर अपने राष्ट्रीय स्वरूप का निर्माण करती है.

वैश्विक पटल पर हिंदी भाषा की स्थिति विकिपीडिया पर कभी तीसरी, कभी पांचवी विश्व भाषा के रूप में नजर आती है. यह स्थिति तब है जब हिंदी की अनेक उप भाषाओं ,आंतरिक बोलियों आदि को अलग रखा गया है. जनसंख्या की दृष्टि से हम विश्व की सबसे बड़ी ताकत है. उस दृष्टि से भी हिंदी बोलने वालों की संख्या बहुत अधिक होती है. परंतु हिंदी के वैश्विक स्वरूप के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका भारत से बाहर गए गिरमिटिया मजदूरों की है. मॉरीशस, त्रिनिदाद, टोबैगो ,सूरीनाम , नेटाल और फिजी जैसे अनेक देशों में गिरमिटिया मजदूरों ने अपने देश की संस्कृति के प्रतीक गंगाजल ,तुलसीदास , रामचरितमानस और अपनी बोली-बानी को अपने हृदय में संजो कर रखा. दु:सह कष्ट भोगते हुए भी उन्होंने अपनी बोली- बानी और संस्कृति को सुरक्षित रखा. आज उन सभी देशों में ये प्रवासी भारतीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री जैसे अनेक उच्च पदों पर प्रतिष्ठित हैं. उनके त्याग और भारत के प्रति अपरिमित लगाव के कारण भारत देश की भाषा-बोली पूरे विश्व में व्याप्त हो पाई.

औद्योगिक क्रांति और सूचना क्रांति के इस युग में हिंदी ने इस नई कसौटी पर भी अपने आप को खरा उतारने का पूरा प्रयास किया है. अब वह कंप्यूटर की भाषा के रूप में भी दक्षता से कार्य कर रही है, स्वयं को तकनीकी रूप से सामर्थ्यवान बना रही है. हिंदी की इस विराट विकास यात्रा के साथ यह भी सत्य है हिंदी के व्यावहारिक क्रियान्वयन में कुछ समस्याएं और कुछ चुनौतियां भी हैं, जैसे भाषाई अंतर्विरोध, शैक्षणिक माध्यम के हेतु विषयानुरूप पारिभाषिक शब्दावली, हिंदी भाषा के अंतर्गत अनुसंधान- आविष्कार एवं अन्य वैश्विक भाषाओं की तुलना में तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में बहुत कार्य करने की आवश्यकता है.
इसमें संदेह नहीं कि हिंदी भारत के मान सम्मान और पहचान की भाषा है,प्रत्येक भारतीय का गौरव है. कुल मिलाकर हिंदी की विकास यात्रा बहुत सुखद, आकर्षक और रोचक है तथा अशेष संभावनाओं से भरी हुई है. गांव, शहर, राज्य, राष्ट्र को जोडती हुई हिंदी आज वैश्विक पटल पर अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज करा रही है. इसके स्नेहिल संरक्षण , समावेशी प्रवृत्ति, ऐतिहासिक और भावात्मक कोश को देखकर ही कहा गया है-

मैं राष्ट्रगगन के मस्तक पर, सदियों से अंकित बिंदी हूँ,
मैं सब की जानी पहचानी, भारत की भाषा हिंदी हूँ.

लेखक
प्रो. हेमांशु सेन
हिंदी तथा आधुनिक भारतीय भाषा विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ, उत्तर प्रदेश.

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: #BhashaAndolan, #GlobalHindi, #HindiHistory, #HindiLanguage, #HindiLiterature, #IndianCulture, #IndianDiaspora, #IndianHeritage, #indianpresshouse, #IndianTradition, #LanguageIdentity, #LinguisticDiversity, #ModernHindi, #NationalLanguage, #Rajbhasha
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article वरिष्ठ पत्रकार राज बी सिंह अपने विचार व्यक्त करते हुए “महर्षि महेश योगी एक्सीलेंस अवार्ड इन जर्नलिज़्म – 2025” का भव्य आयोजन,राज बी. सिंह समेत कई वरिष्ठ पत्रकार हुए सम्मानित
Next Article ब्रिटेन में प्रवासी मुद्दे पर फूटा लोगों का गुस्सा अवैध प्रवास के खिलाफ ब्रिटेन में गुस्सा, पीएम के खिलाफ लगे नारे – ‘यूनाइट द किंगडम’ मार्च में 1 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी, पुलिस-प्रदर्शनकारियों में झड़पें

फीचर

View More

गणेश चतुर्थी स्पेशल: क्या आप जानते हैं कि उत्तराखंड की इस गुफा में आज भी मौजूद है बप्पा का असली सिर?

हर साल देश भर में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। महाराष्ट्र के मुंबई…

By news desk 5 Min Read

मुगलों से पहले भी था हरम का सिस्टम? जानिए किस सल्तनत में शुरू हुई शाही महिलाओं की यह व्यवस्था और कैसे तय होती थी रैंक

नई दिल्ली: हरम का नाम आते ही अक्सर मुगल बादशाहों और उनके…

5 Min Read

लाल सागर से बरसते बारूद का तांडव: जानिए कौन हैं यमन के हूती विद्रोही, जिनकी एक हुंकार से दहला सऊदी अरब!

यमन के सुलगते रेगिस्तान से उठी एक ऐसी आग, जिसने पूरी दुनिया…

5 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

EntertainmentTrending News

खुशखबरी के बाद पहली बार लाइमलाइट में आए दीपिका-रणवीर, बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचे सिद्धिविनायक मंदिर!

गणेश चतुर्थी के पावन पर्व और जीवन के सबसे खूबसूरत पड़ाव पर, बॉलीवुड के पावर कपल दीपिका पादुकोण और रणवीर…

4 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

Pakistan Blast: कोहाट में नमाज के दौरान जोरदार धमाका, 15 की मौत; 25 घायल अस्पताल पहुंचे

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट में शुक्रवार की नमाज के दौरान बड़ा धमाका हुआ। घटना ओल्ड पुलिस लाइंस…

3 Min Read
Trending Newsसियासी

राहुल-प्रियंका के कंधों पर होगी गोवा की जिम्मेदारी: 22 सितंबर से शुरू होगी ‘गोय राखोन्न यात्रा’, जानिए क्या है कांग्रेस का मास्टर प्लान!

गोवा की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने वाला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी जल्द ही…

3 Min Read
Trending Newsसियासी

TMC Name Symbol Row: TMC की पहचान पर अंतरिम रोक, ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी तो ऋतब्रत खेमे को मिला लिफाफा

तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रही लड़ाई में चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?