भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में शुक्रवार को एक ऐसा ‘तूफान’ आया, जिसने प्राइमरी मार्केट के सारे पुराने रिकॉर्ड ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया है। मुकेश अंबानी की कंपनी ‘जियो प्लेटफॉर्म्स’ (Jio Platforms) का IPO बंद होते-होते ₹4.5 लाख करोड़ से अधिक की बोलियों के विशाल पर्वत पर जाकर खड़ा हो गया है। जिसने भी इस आंकड़ों के खेल को देखा, दंग रह गया। ‘सफल कैपिटल’ (Safal Capital) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, ₹30,213 करोड़ के इस महा-इश्यू ने एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 12 ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जिसमें दुनिया भर के इतिहास में किसी भी IPO को मिले सबसे बड़े आवेदनों (Applications) की संख्या भी शामिल है।
1 करोड़ के पार पहुंचे आवेदन
इस पब्लिक इश्यू ने रिटेल और संस्थागत निवेशकों की ऐसी दीवानगी देखी जो पहले कभी नहीं देखी गई थी।
1.25 करोड़ से अधिक आवेदन: जियो के इस IPO को 1.25 करोड़ से ज्यादा एप्लिकेशन मिले, जिसने 97.33 लाख एप्लिकेशन्स के पिछले वर्ल्ड रिकॉर्ड को बेहद आसानी से पीछे छोड़ दिया है। इसके साथ ही जियो दुनिया का ऐसा पहला IPO बन गया है, जिसे 1 करोड़ से अधिक निवेशकों ने सब्सक्राइब किया है।
₹4.5 लाख करोड़ की रिकॉर्ड बोली: निवेशकों से मिली कुल बोलियों का मूल्य ₹4.5 लाख करोड़ के पार चला गया, जो भारत में पहले के ₹4.4 लाख करोड़ के रिकॉर्ड से भी कहीं अधिक है।
संस्थागत निवेशकों की जबरदस्त जंग (QIB Bids)
- डिमांड की इस सुनामी में सबसे बड़ा हाथ क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) का रहा।
- QIBs ने अकेले ₹3.87 लाख करोड़ की बोलियां लगाईं, जिसने ₹3.86 लाख करोड़ के पिछले रिकॉर्ड को मात दी।
- 21 अक्टूबर को खुला और 23 अक्टूबर को बंद हुआ यह इश्यू आखिरी दिन 20 गुना से अधिक सब्सक्राइब किया गया।
- ‘सफल कैपिटल’ और ‘इन्वेस्टोयार्ड’ के डेटा के मुताबिक, जियो ने वैल्यू और इश्यू साइज से जुड़े 7 रिकॉर्ड और आवेदनों की संख्या से जुड़े 5 रिकॉर्ड तोड़े हैं।
नॉन-इंस्टीट्यूशनल और शेयरधारकों का गजब उत्साह
नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी (रिटेल, HNI और रिलायंस के मौजूदा शेयरधारकों) की ओर से ₹1 लाख करोड़ से अधिक की मांग दर्ज की गई। रिलायंस शेयरधारक कोटे में ₹18,800 करोड़ से अधिक की बोलियां मिलीं, जो पिछले रिकॉर्ड ₹9,350 करोड़ से दोगुने से भी ज्यादा हैं।
वहीं, रिटेल निवेशकों के 1 करोड़ से अधिक आवेदन आए, जबकि रिलायंस शेयरधारक कोटे में 21 लाख से ज्यादा आवेदन दर्ज किए गए। छोटे HNI निवेशकों के 5.75 लाख से अधिक आवेदन मिले, जिससे 4,99,825 का पिछला रिकॉर्ड टूट गया। बड़े HNI निवेशकों के 3.5 लाख से ज्यादा आवेदन आए, जबकि कर्मचारी कोटे में भी 2 लाख से अधिक आवेदन दर्ज किए गए।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने पात्र शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ तक के शेयर आरक्षित रखे थे, जिससे उन्हें रिटेल कैटेगरी से अलग एक अतिरिक्त निवेश अवसर मिला।
पहले ही दिन मची थी होड़: एंकर इन्वेस्टर्स का भरोसा
पहले दिन का धमाका: 21 अक्टूबर को IPO खुलते ही पहले दिन ₹67,117 करोड़ की बोलियां आ गईं और इश्यू 3 गुना से अधिक भर गया, जबकि पहले दिन के सब्सक्रिप्शन का पिछला रिकॉर्ड सिर्फ 1.04 गुना का था।
एंकर एलोकेशन: इश्यू खुलने से पहले ही संस्थागत निवेशकों से ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक की मांग आई थी, जिसके बाद 212 निवेशक खातों और योजनाओं को ₹8,110 करोड़ का एंकर एलोकेशन दिया गया था।
अब किस तारीख पर टिकी हैं सबकी नजरें?
अब बाजार में सिर्फ एक ही चर्चा है कि आखिर किसे मिलेंगे जियो के शेयर।
अलॉटमेंट का आधार (Basis of Allotment): 26 अक्टूबर को तय होने की उम्मीद है।
शेयरों की लिस्टिंग (Listing Date): 28 अक्टूबर को जियो के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर दस्तक देंगे।
मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स ने ₹30,213 करोड़ के IPO में ₹4.5 लाख करोड़ से अधिक की बोलियाँ हासिल कर और 1.25 करोड़ से ज्यादा आवेदन पाकर वैश्विक व भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। 12 नए रिकॉर्ड ध्वस्त करने वाला यह मेगा-इश्यू दिखाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था, डिजिटल सेक्टर और रिलायंस समूह के प्रति रिटेल से लेकर बड़े संस्थागत निवेशकों (QIBs) का भरोसा कितना मजबूत है। अब सभी निवेशकों की निगाहें 26 अक्टूबर (शेयर अलॉटमेंट) और 28 अक्टूबर (BSE व NSE पर लिस्टिंग) की तारीखों पर टिकी हैं।