लखनऊ: शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार मॉडल श्रद्धा दुबे से पुलिस ने करीब साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की और 120 सवाल किए। पूछताछ में शिवा के चेहरे और पेट पर मिले लिपस्टिक के निशान से लेकर घटना वाले दिन की गतिविधियों तक कई सवाल उठाए गए। श्रद्धा ने हत्या के आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि शिवा ने आत्महत्या की थी। दूसरी ओर, पुलिस हत्या और ब्लैकमेलिंग समेत विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
शिवा के शरीर पर लिपस्टिक के निशान, श्रद्धा ने क्या सफाई दी?
पूछताछ के दौरान पुलिस ने शिवा शर्मा के चेहरे और पेट पर मिले लिपस्टिक के निशानों को लेकर श्रद्धा दुबे से सवाल किए। रिपोर्ट के मुताबिक, श्रद्धा ने दावा किया कि शिवा उसका बॉयफ्रेंड था और दोनों के बीच नजदीकी संबंध थे। उसने इन्हीं संबंधों को निशानों की वजह बताया।
श्रद्धा ने पुलिस के सामने हत्या के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसने शिवा को नहीं मारा, बल्कि शिवा ने खुद आत्महत्या की थी। हालांकि, यह श्रद्धा का दावा है। पुलिस मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
घटना वाले दिन क्या हुआ था? श्रद्धा ने बताई अपनी कहानी
रिपोर्ट के अनुसार, श्रद्धा ने पूछताछ में बताया कि 9 अक्टूबर की सुबह करीब सात बजे वह, शिवा शर्मा और अन्य लोग बाहर से घूमकर अवध ग्रीन अपार्टमेंट स्थित फ्लैट पर लौटे थे। उसके मुताबिक, इसके बाद सभी शाम करीब पांच बजे तक सोते रहे। श्रद्धा ने दावा किया कि रात में शिवा ने अचानक छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस इस बयान की जांच कर रही है और फिलहाल इसे अंतिम सच नहीं माना जा रहा है। शिवा की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से ही चल सकेगा।
नेपाल से नागपुर तक कैसे पहुंची श्रद्धा दुबे?
श्रद्धा की गिरफ्तारी से पहले उसकी फरारी भी जांच का अहम हिस्सा बनी। रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल की ओर जाने की कोशिश के दौरान महराजगंज में उसके करीबियों ने उसे ट्रॉली बैग लेकर सीमा पार न करने की सलाह दी थी। पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहनने और साधारण झोले के साथ निकलने की सलाह दिए जाने की बात भी सामने आई।
बताया गया कि श्रद्धा ने अपना ट्रॉली बैग छोड़ दिया और पुराना मोबाइल सिम तोड़कर फेंक दिया। इसके बाद वह लगातार ठिकाने बदलती रही। हालांकि, फरारी के दौरान अपनाए गए इन तरीकों से जुड़ी जानकारियां पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्टों के हवाले से सामने आई हैं।
12 घंटे से ज्यादा एक जगह नहीं रुकने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, श्रद्धा और उसके साथी किसी भी शहर में 12 घंटे से ज्यादा नहीं रुकते थे। नेपाल सीमा से लौटने के बाद उसके लखनऊ, कानपुर और सतना होते हुए नागपुर पहुंचने की बात कही गई है।
पुलिस की तकनीकी जांच में आईपी एड्रेस के पोर्ट नंबर से जुड़े संकेतों में गड़बड़ी की बात भी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, इससे लाइव लोकेशन को लेकर भ्रम पैदा हुआ और तलाश में जुटी टीमें अलग-अलग दिशाओं में जांच करती रहीं। श्रद्धा के विदेश भागने की आशंका के चलते लुकआउट सर्कुलर जारी किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
iPhone 17 Pro Max बरामद, साइबर जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने आरोपियों के पास से आईफोन 17 प्रो मैक्स बरामद किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, फोन को तकनीकी जांच में शामिल किया गया। शुरुआती साइबर जांच में 9 अक्टूबर की घटना के बाद इस फोन पर फेसटाइम कॉल दर्ज नहीं होने की बात कही गई है।
पूछताछ में श्रद्धा ने कथित तौर पर बताया कि उसके करीबियों ने उसे डराया था कि पुलिस गिरफ्तार करने के बाद उसकी पिटाई करेगी। उसने इसी डर के कारण लगातार भागते रहने की बात कही। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि उसने रायबरेली स्थित अपने घर जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की मौजूदगी देखकर वापस लौट गई।
गिरफ्तारी के वक्त सिर्फ 25 हजार रुपये बचे होने की बात
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लगातार ठिकाने बदलने के दौरान श्रद्धा के पास मौजूद नकदी कम होती गई। यूपी एसटीएफ ने नागपुर में जिस फ्लैट पर कार्रवाई की, वहां गिरफ्तारी के समय उसके पास कथित तौर पर 25 हजार रुपये नकद बचे थे।
फिलहाल शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस की जांच जारी है। श्रद्धा के बयान, तकनीकी साक्ष्य और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की पड़ताल के बाद ही मौत की असल वजह और मामले में आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। अदालत में आरोप साबित होने तक सभी आरोपियों को निर्दोष माना जाना चाहिए।