नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए अपनी आगामी किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ की पहली झलक साझा की है। इस वीडियो में सोनिया गांधी किताब के पन्ने पलटती नजर आ रही हैं। इसी दौरान बेटी प्रियंका गांधी की तस्वीरों वाला पन्ना सामने आता है, जिसे देखकर सोनिया कहती हैं, “Lots of pictures, Priyanka” यानी “बहुत सारी तस्वीरें हैं, प्रियंका।”
सोनिया गांधी की इस पोस्ट ने उनकी निजी जिंदगी, परिवार और किताब को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। किताब में प्यार, जिम्मेदारी, अपनों से बिछड़ने के दर्द और अपनी पहचान तलाशने के सफर को जगह दी गई है।
प्रियंका गांधी की तस्वीरें देखकर क्या बोलीं सोनिया गांधी?
सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो के साथ लिखा कि वह अपनी किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ की पहली झलक लोगों के साथ साझा करते हुए आभारी हैं। उन्होंने इसे प्यार, जिम्मेदारी, बिछड़ने के दुख और अपनी जगह तलाशने की कहानी बताया। साथ ही, उन्होंने पाठकों के साथ किताब साझा करने की उत्सुकता भी जाहिर की।
वीडियो में किताब के प्रकाशक हार्परकॉलिन्स की ओर से सोनिया गांधी को इसकी तीन प्रतियां भेंट की जाती हैं। प्रकाशक उन्हें किताब के लिए बधाई देता है। इसके बाद सोनिया गांधी धन्यवाद कहती हैं और किताब के पन्ने देखने लगती हैं। इसी दौरान प्रियंका गांधी की तस्वीरों वाला पन्ना सामने आने पर उनकी टिप्पणी वीडियो का खास पल बन जाती है।
राजीव गांधी से मुलाकात से भारत को घर बनाने तक का सफर
किताब के पहले टीजर में सोनिया गांधी की जिंदगी और गांधी परिवार से उनके जुड़ाव की झलक दिखाई गई थी। टीजर के मुताबिक, सोनिया मैनो की मुलाकात राजीव गांधी से उस समय हुई थी, जब वह 18 साल की थीं और कैंब्रिज में पढ़ाई कर रही थीं। तीन साल बाद, 21 साल की उम्र में वह राजीव गांधी से शादी करने भारत आईं।
टीजर में उनके जीवन के उस सफर को भी दिखाया गया है, जिसमें उन्होंने एक नए परिवार को अपनाया, अपने बच्चों की परवरिश की और भारत को अपना घर बनाया। इसके बाद उन्हें ऐसे निजी दुखों का सामना करना पड़ा, जिन्होंने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
निजी रिश्तों और जिम्मेदारियों की कहानी है किताब
‘Belonging: A Journey of Love’ के जरिए सोनिया गांधी अपने जीवन के व्यक्तिगत अनुभवों, पारिवारिक रिश्तों और जिम्मेदारियों से जुड़े पहलुओं को सामने लाने जा रही हैं। किताब का केंद्रीय भाव केवल एक परिवार की कहानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्यार, अपनापन, पहचान और जीवन में आए बदलावों के बीच अपनी जगह तलाशने के अनुभव को भी दर्शाता है।
सोनिया गांधी की इस पोस्ट के बाद उनकी किताब को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। अब पाठकों की नजर इस बात पर रहेगी कि किताब में उनके जीवन और गांधी परिवार से जुड़े कौन-से अनुभव विस्तार से सामने आते हैं।