नई दिल्ली: दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजीत दिपके और आइसा प्रमुख नेहा बोरा को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक, दिपके कनॉट प्लेस जाने की कोशिश कर रहे थे, जबकि नेहा बोरा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मंडी हाउस में प्रदर्शन कर रही थीं। इस बीच कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने लोगों से सेंट्रल पार्क की ओर नहीं जाने की अपील की है।
मार्च से पहले पुलिस ने दिपके को दिया था नोटिस
दिल्ली पुलिस ने तिरंगा मार्च को लेकर पहले ही अभिजीत दिपके से बिना अनुमति प्रदर्शन नहीं करने की अपील की थी। शुक्रवार को पुलिस की एक टीम उनके झंडेवालान स्थित आवास पर पहुंची और उन्हें नोटिस दिया। बताया गया कि यह आवास दिपके के एक दोस्त का है और नोटिस देने के लिए करीब 15 से 20 पुलिसकर्मी पहुंचे थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। ऐसे में प्रस्तावित मार्च को लेकर पुलिस ने एहतियाती कदम उठाए हैं। दिपके के अलावा नेहा बोरा और आइसा के कई अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया है।
कनॉट प्लेस में बढ़ाई गई सुरक्षा, तिरंगा लेकर पहुंच रहे लोग
‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के मद्देनजर कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस लोगों से इलाके में अनावश्यक रूप से नहीं आने की अपील कर रही है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लेकर सेंट्रल पार्क की ओर बढ़ते दिखाई दिए।
इनर सर्कल में भीड़ के बीच सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग भी की है।
AAP सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस कार्रवाई को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी को तिरंगे से नफरत है। संजय सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने कार्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया और अब लोगों को तिरंगा फहराने से रोका जा रहा है।
उन्होंने अभिजीत दिपके और नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने पर भी सवाल उठाए। साथ ही कहा कि प्रदर्शन के कारण कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दो सदस्यों की गिरफ्तारी के विरोध में मार्च का ऐलान
CJP के सदस्य आशुतोष रांका और सौरव दास को तिरंगा फहराने के मामले में जेल भेजे जाने का आरोप लगाते हुए अभिजीत दिपके ने शुक्रवार शाम कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च निकालने का ऐलान किया था।
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया। इसके बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई।
नई दिल्ली क्षेत्र में छह हजार से अधिक दिल्ली पुलिसकर्मियों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 220 कंपनियों और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई है। कनॉट प्लेस, राजीव चौक, जंतर-मंतर, पालिका बाजार, आसपास के मेट्रो स्टेशनों और लुटियंस दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।
दिल्ली पुलिस ने रिजर्व में रखे अतिरिक्त जवान
प्रस्तावित मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त बल बुलाया है। कनॉट प्लेस, पटेल चौक, आईटीओ और संसद मार्ग समेत कई प्रमुख स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए अन्य जिलों से पांच हजार से अधिक अतिरिक्त जवानों को रिजर्व में रखा गया है। नई दिल्ली क्षेत्र में CAPF की 220 कंपनियां तैनात की गई हैं। इनकी जिम्मेदारी आसपास के जिलों, सीमावर्ती इलाकों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखने की भी होगी।
एक कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत अलग-अलग पालियों में जवानों की तैनाती की योजना बनाई गई है। जरूरत पड़ने पर भीड़ की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को भी लगाया जा सकता है।
सेंट्रल पार्क बंद करने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
NDMC की ओर से सेंट्रल पार्क बंद किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। याचिकाकर्ता पक्ष ने मामले पर तत्काल सुनवाई की मांग की, लेकिन शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने उम्मीद जताई कि सभी संबंधित पक्ष समझदारी से काम लेंगे। अदालत ने छोटे दुकानदारों की आजीविका पर पड़ने वाले असर का भी उल्लेख किया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि विरोध करने का अधिकार, कारोबार करने की स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत जैसे पहलू आपस में जुड़े हुए हैं। पीठ ने यह भी कहा कि यदि उठाए गए कदम जरूरत से ज्यादा सख्त पाए जाते हैं, तो अदालत अपने संवैधानिक अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल कर सकती है।
छोटे कारोबारियों के नुकसान पर भी अदालत की टिप्पणी
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि NDMC ने गुरुवार देर रात सेंट्रल पार्क बंद करने का निर्देश जारी किया, जिससे वहां कारोबार करना मुश्किल हो गया। इस पर न्यायाधीशों ने छोटे दुकानदारों की परेशानियों और उनके परिवारों की आजीविका से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया।
अदालत ने संकेत दिया कि याचिका को 26 या 27 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है। फिलहाल सेंट्रल पार्क को बंद रखने और तिरंगा मार्च को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई है।