नई दिल्ली / रियाद:। सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को हुए एक विध्वंसक मिसाइल हमले ने खाड़ी देशों में खलबली मचा दी है। इस दिल दहला देने वाली घटना में 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 300 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। ईरान युद्ध छिड़ने के बाद से खाड़ी के किसी अरब देश में नागरिक ठिकानों पर हुआ यह अब तक का सबसे बड़ा और जानलेवा हमला माना जा रहा है। सऊदी प्रशासन ने इसके लिए सीधे तौर पर यमन के हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है, जिन्हें ईरान का खुला समर्थन प्राप्त है।
टर्मिनल-3 और 4 को बनाया गया निशाना
सऊदी अरब के विमानन अधिकारियों द्वारा रविवार सुबह जारी विस्तृत जानकारी के मुताबिक, मिसाइल सीधे एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 और 4 वाले हिस्से पर गिरी। गौरतलब है कि इन्हीं दोनों टर्मिनलों से देश के भीतर की प्रमुख उड़ानें संचालित होती हैं।
इस भीषण त्रासदी में मारे गए लोगों में 4 सऊदी नागरिक, 2 बांग्लादेशी नागरिक और अमेरिका, फिलिस्तीन, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया व सूडान का एक-एक नागरिक शामिल है। एयरपोर्ट पर कोई सैन्य ठिकाना न होने के बावजूद नागरिकों को निशाना बनाए जाने से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में रोष है। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
“हम भी कर सकते हैं सैन्य कार्रवाई”: डोनाल्ड ट्रम्प
इस हाई-प्रोफाइल हमले के बाद वैश्विक राजनीति गरमा गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अमेरिका हूतियों के खिलाफ सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई में सीधे तौर पर शामिल होने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम ऐसा कर सकते हैं। हमें हाल ही में इस हमले की जानकारी मिली है और हम इस पर जल्द ही बड़ा फैसला लेंगे।”
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने इस घटना को सीधा “युद्ध अपराध” करार देते हुए कड़े शब्दों में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। हालांकि, हूती विद्रोहियों की ओर से इस ताज़ा हमले पर तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
भारत ने की कड़ी निंदा, नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने रियाद एयरपोर्ट हमले पर कड़ा रुख अपनाते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है। MEA ने कहा:
“हम पिछले कुछ दिनों में रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए लगातार हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। आम नागरिकों और उनके इस्तेमाल की जगहों पर बार-बार हमले करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। हम सऊदी अरब की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए वहां की सरकार और लोगों के साथ खड़े हैं।”
उड़ानें रद्द और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के फैसले
हमले के तुरंत बाद रियाद एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गईं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए क्षेत्र की लाइटें कम कर दी गईं। फ्लाइट रडार24 के आंकड़ों के अनुसार, आसमान में मंडरा रहे कई विमानों को तुरंत दूसरे नजदीकी एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट किया गया। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा समेत कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर एयरपोर्ट के आसपास न जाने की सख्त सलाह दी है।
- एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस: सुरक्षा और हालात की गंभीरता को देखते हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें 14 अक्टूबर तक और एयर इंडिया की उड़ानें 15 अक्टूबर तक रियाद के लिए रद्द रहेंगी। एयरलाइंस ने यात्रियों को फुल रिफंड या बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्रा की तारीख बदलने (रीशेड्यूल) का विकल्प दिया है।
- अकासा एयर: एयरलाइन ने पहले ही 11 अक्टूबर तक रियाद की अपनी सभी उड़ानें सस्पेंड करने की घोषणा कर दी थी।
क्षेत्र में मंडरा रहे बड़े युद्ध के बादल
पिछले एक हफ्ते से सऊदी अरब के विभिन्न एयरपोर्ट्स, सैन्य ठिकानों और प्रमुख ऑयल इंस्टॉलेशन को निशाना बनाकर लगातार हमले किए जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि ताजा हमले के बाद सऊदी अरब पर हूतियों के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान छेड़ने का भारी दबाव बन गया है, जिससे मध्य पूर्व (Middle East) में एक नए और बड़े संघर्ष के आसार पैदा हो गए हैं।