मुंबई: रेखा और अमिताभ बच्चन की जोड़ी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों ने पर्दे पर कई यादगार फिल्में दीं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमिताभ के साथ काम करने के शुरुआती दिनों में रेखा काफी घबराया करती थीं? हालात ऐसे थे कि उन्हें अपने संवाद तक याद नहीं रहते थे। सिमी ग्रेवाल के चर्चित शो ‘रेंडेजवस विद सिमी ग्रेवाल’ में रेखा ने इस दौर से जुड़ा अनुभव साझा किया था। उन्होंने बताया था कि अमिताभ के अभिनय से प्रभावित होकर वह खुद पर बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव महसूस करने लगी थीं।
‘दीवार’ में अमिताभ का अभिनय देख रेखा हुई थीं प्रभावित
रेखा ने पुराने इंटरव्यू में बताया था कि अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के शुरुआती दिनों में उनके सामने सहज रहना आसान नहीं था। फिल्म ‘दीवार’ में अमिताभ का अभिनय देखने के बाद उनके मन में अभिनेता के प्रति सम्मान और बढ़ गया था।
अमिताभ के अभिनय से प्रभावित होकर रेखा खुद से भी वैसी ही शानदार अदाकारी की उम्मीद करने लगी थीं। इसी दबाव के कारण शूटिंग के दौरान वह कई बार नर्वस हो जाती थीं। उन्हें संवाद याद होने के बावजूद कैमरे के सामने बोलने में परेशानी होती थी।
अमिताभ बच्चन की एक बात ने रेखा को किया सतर्क
रेखा के मुताबिक, अमिताभ बच्चन के सामने संवाद बोलते समय उनकी घबराहट इतनी बढ़ जाती थी कि कई बार वह अपनी लाइनें ठीक से नहीं बोल पाती थीं। इसी दौरान अमिताभ ने उनसे कहा था, “सुनिए… जरा डायलॉग याद कर लीजिएगा।”
अमिताभ की यह बात रेखा के लिए खुद पर काम करने का संकेत बनी। इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी और अभिनय पर ध्यान दिया। मेहनत और अनुभव के साथ रेखा ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई और अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता।
‘दो अनजाने’ से शुरू हुआ था साथ काम करने का सिलसिला
रेखा और अमिताभ बच्चन ने पहली बार 1976 में रिलीज हुई फिल्म ‘दो अनजाने’ में साथ काम किया था। फिल्म में अमिताभ ने अमित रॉय और रेखा ने रेखा रॉय का किरदार निभाया था। कहानी महत्वाकांक्षा, धोखे और बदले की भावना से जुड़े एक वैवाहिक रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है।
इस फिल्म के बाद दोनों कई फिल्मों में साथ नजर आए। उनकी जोड़ी धीरे-धीरे दर्शकों के बीच लोकप्रिय होती गई और हिंदी सिनेमा की चर्चित जोड़ियों में शामिल हो गई।
इन फिल्मों में भी साथ नजर आए रेखा और अमिताभ
‘दो अनजाने’ के बाद रेखा और अमिताभ बच्चन ने ‘खून पसीना’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘मिस्टर नटवरलाल’ और ‘सुहाग’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया। इन फिल्मों में दोनों की अदाकारी और पर्दे पर उनकी मौजूदगी को दर्शकों ने पसंद किया।
खास तौर पर ‘मुकद्दर का सिकंदर’ में उनकी जोड़ी को खूब सराहना मिली। समय के साथ दोनों की साथ की गई फिल्मों ने हिंदी सिनेमा में एक खास जगह बनाई। आज भी उनकी फिल्मों और उनसे जुड़े पुराने किस्सों को लेकर दर्शकों में दिलचस्पी बनी रहती है।