लखनऊ: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बीच रेलवे ने लखनऊ से दिल्ली समेत विभिन्न शहरों के बीच चलने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनों को निरस्त कर दिया है। इनमें लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस और तेजस एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। अचानक ट्रेनों के रद्द होने से चारबाग, लखनऊ जंक्शन और गोमतीनगर समेत कई स्टेशनों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों की यात्रा योजना बिगड़ गई, जबकि कुछ लोगों के जरूरी काम भी प्रभावित हुए।
लखनऊ मेल और तेजस समेत कई ट्रेनें निरस्त
रेलवे प्रशासन ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली की ओर जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन रद्द किया है। शुक्रवार को लखनऊ से नई दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल और एसी एक्सप्रेस निरस्त होने से यात्रियों को ऐन मौके पर परेशानी उठानी पड़ी।
लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस (82501/82502) शनिवार को निरस्त रहेगी। इसके अलावा शनिवार को नई दिल्ली-लखनऊ गोमती एक्सप्रेस (12420) और 11 अक्टूबर को लखनऊ-नई दिल्ली गोमती एक्सप्रेस (12419) का संचालन भी नहीं होगा।
रेलवे ने बनारस-नई दिल्ली एक्सप्रेस (12559/12581), नई दिल्ली-बनारस एक्सप्रेस (12560/12582) और कासगंज-नई दिल्ली एक्सप्रेस (15303) समेत प्रयागराज और अन्य शहरों से गुजरने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनों को भी रद्द किया है।
स्टेशनों पर अफरा-तफरी, पूछताछ केंद्र पर लगी भीड़
शुक्रवार सुबह ट्रेनों के निरस्त होने की सूचना मिलते ही चारबाग और लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। चारबाग स्टेशन के पूछताछ केंद्र पर दोपहर से देर रात तक लोग वैकल्पिक ट्रेनों और टिकट रिफंड की जानकारी के लिए पहुंचते रहे।
अचानक यात्रा रद्द होने से कई यात्रियों के सामने ठहरने और आगे जाने का संकट खड़ा हो गया। वैकल्पिक साधन नहीं मिलने के कारण कुछ लोगों को स्टेशन परिसर और बरामदों में रात बितानी पड़ी।
ट्रेनें रद्द होने पर सोशल मीडिया पर यात्रियों का गुस्सा
बिना पूर्व सूचना ट्रेनों के निरस्त होने से नाराज यात्रियों ने सोशल मीडिया पर रेलवे प्रशासन के प्रति आक्रोश जताया। यात्रियों का कहना था कि महीनों पहले टिकट बुक कराने और यात्रा की योजना बनाने के बावजूद उन्हें अचानक अपना कार्यक्रम बदलना पड़ रहा है।
कई यात्रियों ने शिकायत की कि ट्रेनें रद्द होने के बाद सड़क मार्ग से सफर करना पड़ रहा है, जिसके लिए उन्हें कई गुना अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है। यात्रियों ने मांग की कि विरोध प्रदर्शन के कारण आम लोगों को होने वाली परेशानी कम करने के लिए रेलवे को समय रहते सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए।
किसी का नौकरी का इंटरव्यू छूटा, किसी का अस्पताल जाना मुश्किल
ट्रेनों के निरस्त होने का असर उन यात्रियों पर भी पड़ा, जिन्हें जरूरी काम से दिल्ली पहुंचना था। कई युवा अभ्यर्थियों को नौकरी के इंटरव्यू और प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होना था। ट्रेनें रद्द होने से उनके समय पर पहुंचने को लेकर संकट खड़ा हो गया।
वहीं, दिल्ली के एम्स और अन्य बड़े अस्पतालों में इलाज के लिए जाने वाले मरीजों के परिजन भी परेशान दिखे। कुछ परिजनों के मुताबिक, उन्होंने डॉक्टरों से मिलने के लिए महीनों पहले अपॉइंटमेंट लिया था। अब ट्रेनें रद्द होने से अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो गया है।
इन ट्रेनों के यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ट्रेनों के निरस्त होने से प्रभावित यात्रियों की अनुमानित संख्या इस प्रकार बताई गई है:
- लखनऊ मेल: 1,500 से 1,800 यात्री
- लखनऊ एसी एक्सप्रेस: 1,200 से 1,400 यात्री
- तेजस एक्सप्रेस: 800 से 1,000 यात्री
- गोमती एक्सप्रेस: 1,500 से 2,000 यात्री
यात्रियों ने बताई अपनी परेशानी
लखनऊ से दिल्ली जाने वाले अयान ने बताया कि उन्हें लखनऊ मेल से यात्रा करनी थी, लेकिन ट्रेन निरस्त होने की सूचना मिलने से उनका कार्यक्रम बिगड़ गया। उनके मुताबिक, सड़क मार्ग से जाना काफी महंगा पड़ेगा, इसलिए अब वह अगले सप्ताह दिल्ली जाने की योजना बनाएंगे।
कारोबारी जय सिंह ने बताया कि उन्हें शुक्रवार को एसी एक्सप्रेस से दिल्ली जाना था। ट्रेन रद्द होने के बाद बस से सफर करना महंगा पड़ रहा है और उनका पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो गया है।
वहीं, अखिलेश सिंह ने बताया कि उन्होंने जरूरी काम से दिल्ली जाने के लिए तेजस एक्सप्रेस में कन्फर्म टिकट बुक कराया था। ट्रेन निरस्त होने से अब उनके लिए यह तय करना मुश्किल हो गया है कि वह दिल्ली कब पहुंच पाएंगे।