नई दिल्ली। चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध लगातार दूसरे दिन भी जारी है। 7 अक्टूबर को जंतर-मंतर की ओर मार्च के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिए जाने के बाद आज 8 अक्टूबर को एक बार फिर विपक्षी सांसद सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ कनॉट प्लेस में लंच के बाद विपक्षी सांसद बसों में सवार हो गए हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक सांसद अब राजघाट की ओर जा सकते हैं, जहां धरना और विरोध प्रदर्शन की संभावना है।
विपक्ष ने साफ कर दिया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से पीछे हटने का सवाल नहीं है।
लंच के बाद बसों में सवार हुए विपक्षी सांसद
दोपहर करीब 3:15 बजे विपक्षी सांसद कनॉट प्लेस में लंच के बाद बसों में सवार हुए। इसके बाद उनके राजघाट जाने की जानकारी सामने आई। माना जा रहा है कि विपक्षी सांसद वहां धरना देकर चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा सकते हैं।
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के सभी सांसदों को कनॉट प्लेस स्थित मोएट्स में लंच के लिए बुलाया था।
खास बात यह है कि लगातार दूसरे दिन खड़गे के लंच के बाद विपक्षी सांसदों का विरोध प्रदर्शन सामने आया है।
‘जहां रोकेंगे, वहीं प्रदर्शन करेंगे’—पवन खेड़ा
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का रुख नहीं बदला है।
उन्होंने कहा कि यह केवल INDIA ब्लॉक की मांग नहीं, बल्कि पूरे देश की मांग है। पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया कि विपक्ष इसी मुद्दे को लेकर सड़कों पर है और जहां भी उसे रोका जाएगा, वहां प्रदर्शन किया जाएगा।
पवन खेड़ा के इस बयान से साफ है कि विपक्ष आज भी पीछे हटने के मूड में नहीं है और दिल्ली में प्रदर्शन का सिलसिला आगे बढ़ सकता है।
राजघाट जाते हुए राहुल गांधी का बड़ा आरोप
दोपहर करीब 3:25 बजे राजघाट की ओर जाते हुए राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के साथ पिछले दिन मारपीट की गई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में वोट चोरी हुई है और लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
7 अक्टूबर को भी हिरासत में लिए गए थे राहुल-प्रियंका
इससे पहले 7 अक्टूबर को भी खड़गे के लंच के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की ओर बढ़े थे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया था। करीब दो घंटे बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं को रिहा किया गया था।
प्रदर्शन को लेकर कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान धक्का-मुक्की समेत कई आरोप लगाए हैं।
आज फिर टकराव के आसार
लगातार दूसरे दिन विपक्षी सांसदों के सड़क पर उतरने से दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक तरफ विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कायम है, वहीं पुलिस और प्रशासन की ओर से प्रदर्शन को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि राजघाट पहुंचने के बाद विपक्षी सांसद क्या रणनीति अपनाते हैं और क्या पुलिस उन्हें वहां प्रदर्शन करने की अनुमति देती है।