24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध चार साल से ज्यादा समय बाद भी खत्म नहीं हुआ है। लंबे संघर्ष के बावजूद रूस और यूक्रेन के बीच किसी स्थायी शांति पर सहमति नहीं बन सकी है। अमेरिका समेत कई देशों की कूटनीतिक कोशिशों के बीच अब भारत की पहल ने नई उम्मीद जगाई है। भारत ने युद्ध रोकने के लिए तीन सूत्रीय सीजफायर प्रस्ताव सामने रखा है। क्या भारत की यह कूटनीतिक पहल इस लंबे युद्ध पर विराम लगाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी? आइए जानते हैं क्या है भारत का वह तीन सूत्रीय फॉर्मूला, जिसे लेकर रूस और यूक्रेन की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं।
क्या है भारत का तीन सूत्रीय सीजफायर प्रस्ताव?
रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण गतिरोध को समाप्त करने के लिए भारत ने एक व्यापक शांति और युद्धविराम (Ceasefire) प्रस्ताव पेश किया है। इस तीन-सूत्रीय योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. बुनियादी ढांचे की सुरक्षा: दोनों देशों से अपील की गई है कि वे ऊर्जा संयंत्रों (Energy Plants) और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (Critical Infrastructure) पर हमलों को तुरंत रोकें।
2. अनाज और ऊर्जा आपूर्ति की बहाली: काला सागर (Black Sea) के बंदरगाहों से वैश्विक स्तर पर अनाज और ऊर्जा की आपूर्ति बिना किसी बाधा के लगातार जारी रखने की बात कही गई है।
3. वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा: काला सागर से गुजरने वाले कमर्शियल और सिविलियन जहाजों पर हो रही गोलाबारी व हमलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की गई है।
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबीहा ने भारत के इस प्रस्ताव को अमेरिका, तुर्किए और मिस्र द्वारा लाए गए अन्य सभी प्रस्तावों में सबसे व्यापक और व्यावहारिक करार दिया है।
रूस ने की भारत की पहल की सराहना
रूस के राष्ट्रपति कार्यालय (क्रेमलिन) के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस शांति पहल का खुलकर स्वागत किया है। मीडिया रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए पेस्कोव ने कहा कि भारत ने मौजूदा हालात के शांतिपूर्ण समाधान में एक व्यावहारिक योगदान देने की अपनी मजबूत इच्छाशक्ति दिखाई है। तास (TASS) समाचार एजेंसी के मुताबिक, क्रेमलिन ने स्पष्ट किया कि रूस अपने भारतीय मित्रों की इस पहल और उनके रचनात्मक सुझावों के लिए बेहद आभारी है।
यूक्रेन की तरफ से भी मिले पॉजिटिव संकेत
कीव की तरफ से भी इस दिशा में सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबीहा ने हाल ही में प्रेस से बातचीत में बताया कि उनके पास युद्धविराम के कुल चार प्रस्ताव आए हैं—जिनमें अमेरिका, तुर्की और मिस्र के विकल्प भी शामिल हैं—लेकिन इनमें भारत का प्रस्ताव सबसे व्यापक (Broadest) है। यूक्रेन ने ऊर्जा क्षेत्र और काला सागर से जुड़े मुद्दों पर युद्धविराम के लिए सहमति जताई है, बशर्ते इन दोनों क्षेत्रों से जुड़े प्रावधानों को एक साथ लागू किया जाए।
रूस-यूक्रेन युद्ध को चार साल से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान हजारों नागरिकों और सैनिकों की जान गई, जबकि लाखों-करोड़ों लोग विस्थापन का सामना कर चुके हैं। युद्ध ने यूक्रेन के ऊर्जा तंत्र, रिहायशी इलाकों और बंदरगाहों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इसके असर से वैश्विक सप्लाई चेन भी प्रभावित हुई और ऊर्जा व खाद्य सुरक्षा की चिंताएं बढ़ीं। ऐसे समय में भारत का तीन सूत्रीय शांति और सीजफायर प्रस्ताव कूटनीतिक पहल के तौर पर सामने आया है। इसमें ऊर्जा व बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने, काला सागर से अनाज-ऊर्जा आपूर्ति जारी रखने और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले रोकने की बात कही गई है।