मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का छत्तीसगढ़ दौरा अचानक स्थगित कर दिया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही मंगलवार, 6 अक्टूबर को ‘इंडिया’ गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़ा मार्च निकाला था। इस मार्च में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे दिग्गज विपक्षी नेता शामिल हुए थे। चुनाव आयोग ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए इस दौरे को स्थगित किया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
पूरी हो चुकी थीं तैयारियां, राज्य अतिथि का मिलने वाला था दर्जा
छत्तीसगढ़ में CEC ज्ञानेश कुमार के दो दिवसीय दौरे (7 और 8 अक्टूबर 2026) की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। राज्य सरकार ने उन्हें ‘राज्य अतिथि’ का दर्जा देने के साथ ही सुरक्षा और प्रोटोकॉल की तमाम व्यवस्थाएं तय कर ली थीं।
दौरे के प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत उन्हें निम्नलिखित ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का दौरा करना था:
- दंतेवाड़ा में प्रसिद्ध दंतेश्वरी माता मंदिर के दर्शन
- बस्तर का ऐतिहासिक चित्रकूट जलप्रपात
- कवर्धा का प्राचीन भोरमदेव मंदिर
इन आयोजनों को लेकर स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने चाक-चौबंद व्यवस्थाएं कर ली थीं, जिन्हें अंतिम समय में टालना पड़ा।
पहले भी रद्द हो चुके हैं कई दौरे
यह पहला मौका नहीं है जब मुख्य चुनाव आयुक्त का दौरा टाला गया हो। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ और वाराणसी के अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में भी उनके प्रस्तावित कार्यक्रम किन्हीं कारणों से स्थगित किए जा चुके हैं।
क्यों टला गया दौरा?
चुनाव आयोग (ECI) की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में दौरे के स्थगन के पीछे ‘अपरिहार्य कारणों’, प्रशासनिक तालमेल और लॉजिस्टिकल बदलावों का हवाला दिया गया है। आयोग ने साफ किया है कि इस स्थगन का हालिया विवादों से कोई संबंध नहीं है।
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में हुआ है जब कई मोर्चों पर CEC को विरोध का सामना करना पड़ रहा है:
मतदाता सूची और SIR विवाद: मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
आंतरिक असहमति के आरोप: चुनाव आयोग के भीतर अन्य आयुक्तों की असहमति के बावजूद फैसले लेने के आरोप भी चर्चा में हैं।
विपक्ष का आक्रामक रुख: ‘INDIA’ ब्लॉक और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन और CEC के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है।
फिलहाल CEC ज्ञानेश कुमार के छत्तीसगढ़ दौरे के स्थगित होने की आधिकारिक वजह प्रशासनिक और अपरिहार्य कारण बताई गई है। हालांकि, SIR और मतदाता सूची को लेकर जारी विवाद तथा विपक्ष के विरोध के बीच दौरा टलने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब नजर इस बात पर है कि चुनाव आयोग दौरे की नई तारीख कब तय करता है और क्या वह अपने फैसले को लेकर आगे कोई विस्तृत स्पष्टीकरण देता है।