Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते तो विपक्ष के पास क्या विकल्प? जानें सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक पूरी रणनीति
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते तो विपक्ष के पास क्या विकल्प? जानें सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक पूरी रणनीति
Trending Newsसियासी

ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते तो विपक्ष के पास क्या विकल्प? जानें सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक पूरी रणनीति

news desk
Last updated: October 7, 2026 9:35 am
news desk
Share
SHARE

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में मंगलवार को विपक्षी नेताओं ने मार्च निकाला। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेता आकाशवाणी भवन परिसर में लंबे समय तक धरने पर बैठे रहे। इस दौरान राहुल गांधी के हाथ में ‘ज्ञानेश इट्स डन ब्रो’ लिखा पोस्टर भी नजर आया।

Contents
सड़क से संसद तक आंदोलन तेज करने की रणनीतिविपक्षी एकजुटता भी होगी बड़ी चुनौतीक्या CEC को हटाने के लिए महाभियोग जैसा प्रस्ताव लाया जा सकता है?सुप्रीम कोर्ट का रुख भी अहम होगा2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून पर भी उठ सकते हैं सवालक्या अन्य चुनाव आयुक्तों की असहमति से CEC का फैसला रुक सकता है?मतदाता सूची को लेकर हाई कोर्ट का रास्ताअसली लड़ाई सिर्फ इस्तीफे की नहीं, चुनावी प्रक्रिया की होगी

विपक्ष का आरोप है कि SIR के जरिए मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव किए जा रहे हैं और इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्षी दल लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हालांकि, ज्ञानेश कुमार की ओर से अभी तक इस्तीफे की मांग पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो विपक्ष के पास आगे क्या संवैधानिक और कानूनी विकल्प बचते हैं?

सड़क से संसद तक आंदोलन तेज करने की रणनीति

राजनीतिक दबाव के बावजूद अगर मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद पर बने रहते हैं, तो विपक्ष आंदोलन को और व्यापक बनाने की रणनीति अपना सकता है। इसमें देशव्यापी प्रदर्शन, बड़े राजनीतिक मार्च, छात्र संगठनों की भागीदारी और जंतर-मंतर जैसे स्थानों पर रैलियां शामिल हो सकती हैं।

कांग्रेस और उसके सहयोगी दल SIR के मुद्दे को सिर्फ मतदाता सूची के पुनरीक्षण तक सीमित रखने के बजाय इसे ‘वोट के अधिकार और चुनावी निष्पक्षता’ से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की कोशिश कर सकते हैं।

राहुल गांधी पहले ही इसे लोकतंत्र और वोट के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बता चुके हैं। ऐसे में विपक्ष की कोशिश इसे एक बड़े राष्ट्रीय राजनीतिक अभियान में बदलने की हो सकती है।

विपक्षी एकजुटता भी होगी बड़ी चुनौती

CEC के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विपक्ष के सामने सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती अलग-अलग दलों को एक मंच पर बनाए रखना होगी।

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, वाम दलों और दूसरे क्षेत्रीय दलों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हैं। लेकिन चुनाव आयोग की स्वायत्तता और मतदाता सूची से जुड़े सवाल पर विपक्ष साझा रणनीति बनाने की कोशिश कर सकता है।

अगर गैर-बीजेपी दल इस मुद्दे पर लंबे समय तक एकजुट रहते हैं, तो इसे संसद से लेकर राज्यों तक बड़े राजनीतिक अभियान में बदला जा सकता है।

क्या CEC को हटाने के लिए महाभियोग जैसा प्रस्ताव लाया जा सकता है?

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया आम सरकारी अधिकारियों से अलग है। संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी तरह की प्रक्रिया से हटाया जा सकता है, जिस तरह सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाया जाता है।

इसके लिए संसद में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होता है। संसद के सदस्यों द्वारा प्रस्ताव और उसके बाद जांच तथा दोनों सदनों में विशेष बहुमत जैसी संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है।

इसका मतलब यह है कि केवल राजनीतिक विरोध या इस्तीफे की मांग से CEC को पद से हटाया नहीं जा सकता। हटाने के लिए संविधान में तय प्रक्रिया का पालन जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट का रुख भी अहम होगा

विपक्ष SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। याचिकाओं में यह सवाल उठाया जा सकता है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया में कानून और निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं।

अदालत से अंतरिम राहत, प्रक्रिया की न्यायिक समीक्षा और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की जा सकती है।

हालांकि, किसी संवैधानिक पदाधिकारी को सीधे पद से हटाने का आदेश देना और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े प्रशासनिक फैसलों की न्यायिक समीक्षा करना दो अलग-अलग मुद्दे हैं।

2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून पर भी उठ सकते हैं सवाल

विपक्ष के पास चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े Chief Election Commissioner and Other Election Commissioners Act, 2023 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने का रास्ता भी मौजूद है।

विपक्ष लंबे समय से इस बात पर सवाल उठाता रहा है कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाली समिति में मुख्य न्यायाधीश की जगह केंद्रीय मंत्री को शामिल किए जाने से चुनाव आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है।

ऐसी स्थिति में विपक्ष सुप्रीम कोर्ट में लंबित संबंधित मामलों के संदर्भ में अपनी दलीलों को और मजबूत करने की कोशिश कर सकता है।

क्या अन्य चुनाव आयुक्तों की असहमति से CEC का फैसला रुक सकता है?

यह भी एक अहम संवैधानिक सवाल है। चुनाव आयोग एक बहु-सदस्यीय संस्था है और संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत CEC तथा अन्य चुनाव आयुक्तों की भूमिका निर्धारित है।

हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि हर मामले में CEC का कोई भी फैसला तभी वैध होगा जब तीनों चुनाव आयुक्त एकमत हों। आयोग के फैसलों की वैधता संबंधित कानून, आयोग के नियमों और मामले के तथ्यों पर निर्भर करती है।

अगर किसी फैसले को लेकर आयोग के भीतर गंभीर मतभेद सामने आते हैं, तो विपक्ष न्यायिक समीक्षा के जरिए उस फैसले को चुनौती देने की कोशिश कर सकता है।

मतदाता सूची को लेकर हाई कोर्ट का रास्ता

SIR और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मामलों में राज्य स्तर पर हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जा सकता है।

Representation of the People Act, 1950 में मतदाता सूची की तैयारी, पुनरीक्षण और नाम जोड़ने-हटाने से संबंधित प्रावधान हैं। विपक्षी दल या प्रभावित व्यक्ति यह तर्क दे सकते हैं कि अगर निर्धारित प्रक्रिया, नोटिस या सुनवाई के अधिकार का पालन नहीं हुआ, तो संबंधित कार्रवाई की न्यायिक समीक्षा की जाए।

हाई कोर्ट मामले के तथ्यों के आधार पर प्रशासनिक आदेशों पर रोक या दूसरे उपयुक्त निर्देश जारी कर सकता है।

असली लड़ाई सिर्फ इस्तीफे की नहीं, चुनावी प्रक्रिया की होगी

राजनीतिक तौर पर देखें तो ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग विपक्ष के लिए SIR से कहीं बड़ा मुद्दा बन सकती है। विपक्ष इसे मतदाता अधिकार, चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जोड़कर राष्ट्रीय बहस का रूप देने की कोशिश कर सकता है।

लेकिन संवैधानिक तौर पर CEC को हटाना आसान प्रक्रिया नहीं है। इसके लिए संसद में निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया और आवश्यक बहुमत की जरूरत होती है।

इसलिए अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो विपक्ष के सामने मुख्य रूप से तीन मोर्चे होंगे—सड़क पर राजनीतिक आंदोलन, संसद में राजनीतिक दबाव और अदालत में कानूनी लड़ाई। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि विपक्ष इन तीनों रणनीतियों को किस तरह एक साथ आगे बढ़ाता है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: CEC, CEC ज्ञानेश कुमार, Election Commission, Election Commission Act 2023, Gyanesh Kumar, SIR, SIR विरोध, अनुच्छेद 324, कांग्रेस, चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून, चुनाव आयोग, ज्ञानेश कुमार, मतदाता सूची, मुख्य चुनाव आयुक्त, राहुल गांधी, विपक्ष, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article आकाशवाणी में धरना, फिर हिरासत और अब रिहाई… दो घंटे बाद छूटे राहुल-प्रियंका गांधी; दिनभर ऐसे चला हाईवोल्टेज प्रदर्शन
Next Article फ्रांस में हिंसा पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- ‘स्कूलों का मुद्दा नहीं, इस्लाम करना चाहता है कब्जा’

फीचर

View More

होम लोन की मांग के बीच बड़ा दांव: एनएचबी (NHB) दोगुना करने जा रहा है रीफाइनेंस का फंड, जानिए किन कंपनियों की चमकेगी किस्मत

क्या आप भी सस्ते होम लोन की तलाश में हैं या किसी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से कर्ज लेने का मन…

By Shivani Kalani 4 Min Read

मीटर की लाल बत्ती को हल्के में न लें! ऐसे समझें बिजली की खपत बढ़ रही है या मीटर में आया है फॉल्ट

नई दिल्ली: बिजली के मीटर पर लगी छोटी-सी लाल एलईडी अक्सर लगातार…

4 Min Read

AI के आगे डिग्री भी पड़ सकती है फीकी! नौकरी पाने का पुराना फॉर्मूला बदल रहा, अब इन स्किल्स की होगी सबसे ज्यादा कीमत

नई दिल्ली: कभी अच्छी नौकरी के लिए एक सीधा फॉर्मूला माना जाता…

8 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsफीचर

होम लोन की मांग के बीच बड़ा दांव: एनएचबी (NHB) दोगुना करने जा रहा है रीफाइनेंस का फंड, जानिए किन कंपनियों की चमकेगी किस्मत

क्या आप भी सस्ते होम लोन की तलाश में हैं या किसी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से कर्ज लेने का मन…

4 Min Read
Trending Newsसियासी

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का छत्तीसगढ़ दौरा अचानक स्थगित, इंडिया गठबंधन के विरोध-प्रदर्शन के बीच टला कार्यक्रम

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का छत्तीसगढ़ दौरा अचानक स्थगित कर दिया गया है। यह फैसला ऐसे समय में…

4 Min Read
Trending Newsखेल

IND vs WI: श्रेयस अय्यर ने 42 गेंद में ठोका शतक, विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ बने पहले भारतीय कप्तान

लखनऊ । भारत और वेस्टइंडीज के बीच लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए पहले टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले में…

3 Min Read
Trending Newsखेल

IND vs WI 1st T20I: नमन धीर का ऐतिहासिक डेब्यू, स्पिन जादू से ध्वस्त हुआ वेस्टइंडीज; बनाया बड़ा रिकॉर्ड

लखनऊ। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए पहले टी20 मुकाबले में युवा ऑलराउंडर नमन धीर ने अपनी शानदार ऑफ-स्पिन…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?