उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों को लेकर चल रही सियासी हलचल के बीच समाजवादी पार्टी ने तीसरा उम्मीदवार उतारने की कवायद से कदम पीछे खींच लिए हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है।” उनके इस बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव पर पार्टी के फोकस के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
सपा पहले ही दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ अधिकारी धनराज परिमल नथवाणी अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। अब तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारे जाने की स्थिति में राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है।

BJP के 8 उम्मीदवार मैदान में
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इनमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं। पार्टी की सूची में तीन OBC, दो अनुसूचित जाति और तीन सामान्य वर्ग के उम्मीदवार हैं।
राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 अक्टूबर को होना है, जबकि नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। सपा के तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने से मुकाबले की स्थिति फिलहाल समाप्त हो गई है।
अखिलेश का EC पर हमला
तीसरे उम्मीदवार को लेकर स्थिति साफ करने के साथ ही अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। उन्होंने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के पक्ष में काम कर रहा है। अखिलेश ने यह टिप्पणी उस दिन की जब इंडिया गठबंधन चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली में मार्च करने वाला था।
अब अखिलेश के “403” वाले बयान ने राज्यसभा चुनाव से ज्यादा 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर सपा की प्राथमिकता को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।