लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार पर प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने पेपर लीक को लेकर दावा किया कि प्रश्नपत्र अपने आप लीक नहीं होते, बल्कि उन्हें लीक करवाया जाता है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि दान और चंदे में धोखाधड़ी करने वाले लोग पैसों के लिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी लीक करवाते हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश के अभ्यर्थियों की आवाज और उनकी चिंताएं सरकार तक नहीं पहुंच पा रही हैं। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी चुनावों के बाद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, सटीक अंकन व्यवस्था और निश्चित परीक्षा कैलेंडर लागू करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने नियमित सरकारी नौकरियों के अवसर उपलब्ध कराने की भी बात कही।
पारदर्शी परीक्षा और तय कैलेंडर का किया वादा
सपा प्रमुख ने कहा कि छात्रों और युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया स्पष्ट और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में निश्चित कैलेंडर और अंकन प्रणाली को लेकर अपनी पार्टी की योजना का जिक्र किया।
इसके साथ ही अखिलेश यादव ने जल्द सड़कों पर उतरकर व्यापक चुनावी अभियान शुरू करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि टिकट वितरण को लेकर पार्टी के सहयोगियों से राय ली जाएगी।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उदाहरण देकर सरकार पर हमला
अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में बने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए इसकी डिजाइन और तकनीकी गुणवत्ता की तारीफ की। उन्होंने दावा किया कि यह देश के बेहतर एक्सप्रेसवे में शामिल है और इसका मॉडल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने भी स्वीकार किया था।
इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा सरकार के बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सड़कों के गड्ढे छिपाने के लिए चीन से कालीन मंगवाकर बिछाए गए।
गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर भी साधा निशाना
सपा प्रमुख ने गंगा एक्सप्रेसवे की स्थिति को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि हाल की हल्की बारिश के बाद एक्सप्रेसवे की हालत खराब हो गई। इसी संदर्भ में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कभी मां गंगा किसी को बुलाएं तो गंगा एक्सप्रेसवे से यात्रा न करें।
अखिलेश यादव ने व्यंग्य करते हुए कहा कि बारिश के बाद वहां गाड़ियों के बजाय मछलियां पकड़ने की नौबत आ गई। उन्होंने सरकार पर विकास के नाम पर खोखले दावे करने और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। ये आरोप अखिलेश यादव के बयान का हिस्सा हैं।