आसमान में मौत मंडरा रही थी, कॉकपिट खून से सन चुका था और विमान में सवार 174 यात्रियों की सांसें अटकी हुई थीं। लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा जांबाज भारतीय पायलट था जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना अदम्य साहस का परिचय दिया और विमान को सुरक्षित जमीन पर उतारकर इतिहास रच दिया। दुबई से इजरायल के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाईदुबई (Flydubai) की फ्लाइट FZ1073 के कैप्टन स्मित मच्छार आज किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं। उनकी इस अवाभनीय बहादुरी और जांबाजी पर अब देश का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। आइए जानते हैं कैसे इस हीरो पायलट ने मौत को मात दी और क्यों पूरा देश आज उनके लिए दुआएं मांग रहा है।
गुजरात सरकार ने किया बड़े पुरस्कार का ऐलान
फ्लाईदुबई के जांबाज पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की इस अदम्य बहादुरी और असाधारण साहस के लिए गुजरात सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 1 अक्टूबर 2026 को कैप्टन स्मित को राज्य के प्रतिष्ठित ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने की आधिकारिक घोषणा की है।
इस सम्मान के साथ उन्हें 25 लाख रुपये की नकद राशि भी प्रदान की जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उड़ान के दौरान गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने जरा भी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी सूझबूझ और असाधारण कौशल का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित संभाला और उसमें सवार 174 यात्रियों की जिंदगी बचा ली।
स्वास्थ्य लाभ के लिए देश के प्रसिद्ध मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना
गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मच्छार के जल्द से जल्द स्वस्थ होने के लिए देश भर में प्रार्थनाओं का दौर शुरू हो गया है। वाराणसी के ऐतिहासिक काशी विश्वनाथ मंदिर और गुजरात के पवित्र सोमनाथ मंदिर में उनके लिए विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान किए जा रहे हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर में 21 विद्वान शास्त्रियों ने गंगाजल और कुशा मिश्रित जल से भव्य रुद्राभिषेक किया और उनके दीर्घायु जीवन के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया। वहीं, सोमनाथ मंदिर में भी उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ विशेष महापूजा जारी है। पूरा देश आज उस जांबाज पायलट की सलामती के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहा है जिसने अपनी जान जोखिम में डालकर सैकड़ों बेकसूरों की रक्षा की थी।
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और सूझबूझ ने उन्हें देशभर में चर्चा का विषय बना दिया है। उड़ान के दौरान घायल होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा के लिए उनके प्रयासों की सराहना हो रही है। गुजरात सरकार ने उन्हें 25 लाख रुपये के साथ विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार देने का ऐलान किया है। वहीं, काशी विश्वनाथ और सोमनाथ मंदिर में उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है।