मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच विपक्षी दलों के बीच संपर्क बढ़ता दिखाई दे रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से फोन पर बातचीत की है। बताया गया है कि बातचीत के दौरान ममता बनर्जी ने इंडिया ब्लॉक की बैठक जल्द बुलाने का आग्रह किया, ताकि चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की साझा रणनीति पर चर्चा हो सके।
इसी क्रम में ममता बनर्जी ने सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी से भी बातचीत की। पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी और वाम दल लंबे समय से एक-दूसरे के प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। ऐसे में SIR विवाद के बीच दोनों नेताओं की बातचीत को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
राहुल गांधी से क्या बात हुई?
जानकारी के मुताबिक, ममता बनर्जी ने राहुल गांधी से फोन पर बातचीत के दौरान इंडिया ब्लॉक की बैठक बुलाने का सुझाव दिया। उन्होंने बैठक अगले सप्ताह सोमवार या मंगलवार को आयोजित करने की बात कही, ताकि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों के बीच आगे की रणनीति पर चर्चा हो सके।
ममता बनर्जी और राहुल गांधी दोनों ही इंडिया ब्लॉक से जुड़े प्रमुख विपक्षी नेताओं में शामिल हैं। हालांकि गठबंधन के घटक दलों के बीच विभिन्न राज्यों में चुनावी और राजनीतिक समीकरण अलग-अलग रहे हैं।
एमए बेबी से भी ममता की बातचीत
ममता बनर्जी ने सीपीआई (एम) महासचिव एमए बेबी से भी फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच SIR, चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
बताया गया है कि बातचीत में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर विपक्षी दलों के बीच समन्वय की जरूरत पर चर्चा हुई।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद
यह घटनाक्रम द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के बाद सामने आया है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों ने SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। रिपोर्ट ने चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
हालांकि चुनाव आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया और रिपोर्ट में किए गए दावों को लेकर आधिकारिक पक्ष को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
ममता बनर्जी ने की SIR से पहले की मतदाता सूची से चुनाव की मांग
ममता बनर्जी SIR को लेकर लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठाती रही हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में SIR से पहले की मतदाता सूची के आधार पर नए विधानसभा चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर भी आपत्ति जताई है।
इन दावों पर चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों का पक्ष अलग रहा है। इसलिए मतदाता सूची में नाम हटने, जुड़ने और सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावों को आधिकारिक आंकड़ों और चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के साथ देखना जरूरी है।
ज्ञानेश कुमार को लेकर ममता का तीखा रुख
ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कई बार कड़े बयान दिए हैं। उन्होंने कुमार पर राजनीतिक पक्षपात के आरोप लगाए हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ममता ने यह भी कहा है कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद पर रहेंगे, तब तक उनकी पार्टी देशभर में विरोध जारी रखेगी।
टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच पश्चिम बंगाल की SIR प्रक्रिया के अलावा पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़े मामलों को लेकर भी पहले से विवाद रहा है।
अब विपक्षी एकजुटता पर नजर
SIR विवाद के बीच ममता बनर्जी का राहुल गांधी और एमए बेबी से संपर्क ऐसे समय हुआ है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इंडिया ब्लॉक की बैठक होती है या नहीं और अगर बैठक होती है तो विपक्षी दल SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर कोई साझा कार्यक्रम तय करते हैं या नहीं।