भारतीय सिनेमा के इतिहास में आज का दिन एक नए और ऐतिहासिक अध्याय के रूप में दर्ज हो रहा है। सात दशकों से चली आ रही परंपरा को बदलते हुए, पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का प्रतिष्ठित समारोह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बाहर आयोजित किया जा रहा है। गुजरात के केवड़िया स्थित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के साए में एकता नगर में आयोजित इस भव्य समारोह में देश भर की बेहतरीन फिल्मों और कलाकारों को सम्मानित किया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने हाथों से विजेताओं को सम्मानित कर रही हैं।
एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की तर्ज पर ऐतिहासिक बदलाव
साल 1954 में अपनी शुरुआत के बाद से, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अमूमन नई दिल्ली में ही आयोजित किए जाते रहे हैं। लेकिन इस बार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक बड़ा नीतिगत कदम उठाते हुए इस आयोजन को देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाने का निर्णय लिया है।
‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के प्रांगण में हो रहा यह आयोजन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को परिलक्षित कर रहा है।
प्रमुख श्रेणियों में विजेताओं की सूची
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में विभिन्न भाषाओं और विधाओं की कुल 45 श्रेणियों में पुरस्कार दिए जा रहे हैं:
- सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म: ‘आर्टिकल 370’ (निर्देशक: आदित्य सुहास जांभले)
- सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म: ‘कल्कि 2898 एडी’ (निर्देशक: नाग अश्विन)
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: कार्तिक आर्यन (फिल्म: ‘चंदू चैंपियन’) और ममूटी (फिल्म: ‘ब्रह्मयुगम्’)
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: यामी गौतम (फिल्म: ‘आर्टिकल 370’)
- दादासाहेब फाल्के पुरस्कार (भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान): अनंत नाग
- सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: राजकुमार पेरियासामी (फिल्म: ‘अमरन’)
- सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता: संजय मिश्रा (फिल्म: ‘भक्षक’)
गुजरात के केवड़िया में हो रहा 720 से अधिक दशकों के इतिहास का यह पहला गैर-दिल्ली आयोजन यह साबित करता है कि भारतीय सिनेमा अब क्षेत्रीय सीमाओं से परे जाकर देश के हर कोने की संस्कृति और कला को एक मंच पर लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह समारोह न सिर्फ विजेताओं की प्रतिभा का सम्मान है, बल्कि भारतीय फिल्म जगत की विविधता और एकता का एक अनूठा उत्सव भी है।