बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस घटना ने सियासी रंग ले लिया है। मंगलवार को मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव और एक अन्य आरोपी हरेराम यादव पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़े गए। पुलिस के मुताबिक नंदन के पैर में गोली लगी, जबकि हरेराम भी घायल हुआ। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद विपक्षी नेताओं ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला बोला है। वहीं, केंद्र और बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन से जुड़े नेताओं ने कहा है कि घटना के आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है।
संजय राउत का बिहार सरकार पर हमला
शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने जमुई की घटना को लेकर बिहार सरकार और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने बिहार सरकार को बर्खास्त करने की मांग करते हुए सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
राउत ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बिहार में सत्ता का इस्तेमाल अपराधियों के पक्ष में किया जा रहा है। उन्होंने पत्रकारों के सवाल के जवाब में मंगलवार (22 सितंबर) को कहा कि देखिए जाकर कि बिहार की परिस्थिति क्या है? लोग लालू यादव जी को आज भी बोलते हैं कि उनके राज में ‘गुंडाराज’ था. अभी तो ‘महा गुंडाराज’ चल रहा है।राउत के ये बयान उनके राजनीतिक आरोप हैं, जिनका सत्ता पक्ष की ओर से अलग राजनीतिक जवाब दिया जा सकता है।
तेजस्वी ने मांगी दोषियों को फांसी
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी जमुई की घटना को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने इसे शर्मनाक घटना बताते हुए कहा कि सरकार में बैठे लोग कार्रवाई के बजाय सरकार का बचाव कर रहे हैं।
तेजस्वी ने मामले में शामिल आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सरकार अपनी जिम्मेदारी को लेकर गंभीर है तो उसे कानून-व्यवस्था के सवाल पर जवाब देना चाहिए।
तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए विपक्ष तथा आरजेडी पर हमला करती है।
एनकाउंटर पर ललन सिंह का जवाब
दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री और जेडीयू नेता ललन सिंह ने जमुई की घटना को गंभीर और परेशान करने वाली घटना बताया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई है।
ललन सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि घटना पर राजनीति करने वालों को बिहार की पुरानी कानून-व्यवस्था की स्थिति याद करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा दौर में बिहार में कानून का राज है और अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
जमुई मामले में अब तक क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार 19 सितंबर को कोचिंग से लौट रहे दो नाबालिगों को कुछ युवकों ने कथित तौर पर रोककर उनके साथ बदसलूकी की थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की और SIT गठित की।
मंगलवार को मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ और उसके पैर में गोली लगी। दूसरे आरोपी हरेराम यादव के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इससे पहले पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। पुलिस के मुताबिक मामले में करीब सात आरोपियों की पहचान की गई है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
इस बीच, पुलिस ने वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले करीब 120 अकाउंट्स के खिलाफ भी FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
जमुई की घटना पर अब पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।