लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है।
एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने किसानों के कल्याण, एथनॉल-चीनी के मुनाफे में हिस्सेदारी और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई बड़े वादे और गंभीर दावे किए।
किसानों के लिए बड़ा ऐलान: 24 घंटे में भुगतान और तेल कारखाने
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य (MSP) सुनिश्चित कराया जाएगा।
- गन्ना किसानों के लिए वादा: गन्ना किसानों को फसल आपूर्ति के मात्र 24 घंटे के भीतर सीधे उनके खातों में भुगतान किया जाएगा। साथ ही, चीनी और एथनॉल से मिलने वाले अतिरिक्त मुनाफे में किसानों को उनका वाजिब हिस्सा दिया जाएगा।
- स्थानीय प्रसंस्करण इकाइयां: तिल, सोयाबीन और सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य में नए प्रसंस्करण कारखाने (Processing Plants) स्थापित किए जाएंगे।
आरक्षण, PDA समाज और नौकरशाही पर निशाना
सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ काम कर रही है।
- अधिकारियों की तैनाती में भेदभाव: उन्होंने दावा किया कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) समाज से आने वाले योग्य अधिकारियों को प्रशासनिक व्यवस्था में अच्छी और महत्वपूर्ण तैनातियां नहीं दी जा रही हैं।
- अधिकारियों को चेतावनी: अखिलेश यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए संकेत दिया कि चुनाव के समय पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने वाले अधिकारियों पर सपा सरकार आने के बाद कार्रवाई की जा सकती है और उन्हें पदों से हटाया जा सकता है।
“छवि खराब करने के लिए कंटेंट क्रिएटर्स को पैसे दे रही BJP”
अखिलेश यादव ने डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को लेकर भाजपा सरकार पर एक नया आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी और उनकी पार्टी की छवि को धूमिल करने के लिए भाजपा सरकार वित्तीय संसाधनों का दुरुपयोग कर कंटेंट क्रिएटर्स (Content Creators) को पैसे दे रही है।
नवरात्र में बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत
संगठनात्मक विस्तार पर बात करते हुए अखिलेश यादव ने संकेत दिया कि आगामी नवरात्र के दौरान उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि कई प्रमुख राजनीतिक दलों के बड़े नेता समाजवादी पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं, जिनकी औपचारिक सदस्यता की घोषणा नवरात्र के अवसर पर की जाएगी।