चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय और अभिनेत्री तृषा कृष्णन की नजदीकियों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच दक्षिण भारतीय फिल्मों की वरिष्ठ अभिनेत्री अंबिका ने अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि अगर वह तृषा की जगह होतीं, तो ऐसी जगहों पर जाने से बचतीं, जहां उनकी मौजूदगी से विजय को आलोचना या राजनीतिक हमलों का सामना करना पड़े।
रेसिंग कार्यक्रम से लेकर सार्वजनिक आयोजनों में विजय और तृषा के साथ नजर आने को लेकर पहले भी चर्चाएं होती रही हैं। अंबिका का कहना है कि किसी व्यक्ति के बड़े पद पर पहुंचने का मतलब यह नहीं कि उसकी पुरानी दोस्ती को गलत नजर से देखा जाए। हालांकि, उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री जैसे बड़े पद पर बैठे व्यक्ति से जुड़ी दोस्ती में सार्वजनिक छवि और परिस्थितियों को लेकर भी सावधानी बरतनी चाहिए।
हाल ही में विजय और तृषा को ब्रिटेन के सिल्वरस्टोन में अजित कुमार की रेस के दौरान साथ देखा गया था। वहां से सामने आए फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने। एक वीडियो में तृषा के पवेलियन में पहुंचने पर विजय कैमरे की ओर से चेहरा दूसरी तरफ घुमाते नजर आए। इस दृश्य को लेकर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
‘अगर मैं तृषा की जगह होती तो ऐसी जगहों पर नहीं जाती’
रेडपिक्स 24×7 को दिए इंटरव्यू में अंबिका ने कहा कि वह खुद तृषा की जगह होतीं, तो ऐसे हालात से दूर रहतीं, जिनकी वजह से उनके करीबी दोस्त को बेवजह आलोचना या राजनीतिक हमलों का सामना करना पड़े।
उनके मुताबिक, दोस्ती अपनी जगह है, लेकिन किसी बड़े पद पर बैठे व्यक्ति के साथ सार्वजनिक रूप से जुड़ने के दौरान समझदारी और सावधानी बरतना भी जरूरी है। अंबिका ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वह ऐसी किसी जगह पर नहीं जातीं, जहां उनकी मौजूदगी से दोस्त की छवि पर असर पड़ने की आशंका हो।
हालांकि, अंबिका ने विजय और तृषा के रिश्ते को लेकर किसी तरह की पुष्टि नहीं की। उनकी टिप्पणी दोस्ती और सार्वजनिक जीवन में बरती जाने वाली सावधानी को लेकर थी।
‘घिल्ली’ से शुरू हुई थी विजय और तृषा की ऑनस्क्रीन जोड़ी
विजय और तृषा की जोड़ी का फिल्मों से जुड़ा सफर काफी पुराना है। दोनों ने पहली बार 2004 में रिलीज हुई फिल्म ‘घिल्ली’ में साथ काम किया था। फिल्म में उनकी जोड़ी को दर्शकों ने पसंद किया।
इसके बाद दोनों ‘थिरुपाची’, ‘अथी’ और ‘कुरुवी’ जैसी फिल्मों में भी साथ नजर आए। साल 2023 में रिलीज हुई फिल्म ‘लियो’ में भी दोनों ने साथ काम किया।
फिल्मों में साथ नजर आने के अलावा सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी भी अक्सर लोगों का ध्यान खींचती रही है। हालांकि, पर्दे पर उनकी लोकप्रिय जोड़ी और वास्तविक जीवन के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाएं अलग-अलग बातें हैं।
शपथ ग्रहण समारोह से स्वतंत्रता दिवस तक चर्चा में रही तृषा की मौजूदगी
विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी तृषा की सार्वजनिक मौजूदगी चर्चा में रही। खबर के मुताबिक, विजय के शपथ ग्रहण समारोह में तृषा उनके माता-पिता के साथ मंच के पास बैठी नजर आई थीं। इस दौरान विजय की पत्नी संगीता और उनके बच्चों की वहां मौजूदगी नहीं होने की बात भी चर्चा का विषय बनी।
इसके बाद 15 अगस्त 2026 को चेन्नई के फोर्ट सेंट जॉर्ज में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी तृषा की मौजूदगी को लेकर चर्चाएं हुईं।
इन आयोजनों में उनकी उपस्थिति को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। हालांकि, केवल किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में साथ नजर आने से किसी निजी रिश्ते की प्रकृति की पुष्टि नहीं होती।
विजय की राजनीति के बीच क्यों बढ़ती है इन मुलाकातों पर चर्चा?
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की सार्वजनिक गतिविधियों पर राजनीतिक हलकों की नजर रहती है। ऐसे में विदेशी रेसिंग कार्यक्रमों से लेकर सरकारी आयोजनों तक तृषा की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
अंबिका के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर भी विजय और तृषा की दोस्ती को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आती रहती हैं।
फिलहाल, अंबिका ने अपनी व्यक्तिगत राय रखते हुए सार्वजनिक जीवन में दोस्ती और सावधानी के बीच संतुलन बनाए रखने की बात कही है। विजय और तृषा के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उनके बयान ने इस बहस को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।