Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: अमेरिका का 100% टैरिफ वॉर शुरू: भारत समेत किन-किन देशों की अर्थव्यवस्था पर गिरेगी इस नए कानून की गाज?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > अमेरिका का 100% टैरिफ वॉर शुरू: भारत समेत किन-किन देशों की अर्थव्यवस्था पर गिरेगी इस नए कानून की गाज?
Trending Newsवर्ल्ड

अमेरिका का 100% टैरिफ वॉर शुरू: भारत समेत किन-किन देशों की अर्थव्यवस्था पर गिरेगी इस नए कानून की गाज?

news desk
Last updated: September 19, 2026 11:13 am
news desk
Share
SHARE

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 सितंबर 2026 को ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ पर हस्ताक्षर किए हैं। जिससे वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में भूचाल ला दिया है। रूस और ईरान पर आर्थिक शिकंजा कसने के उद्देश्य से लाए गए इस नए कानून के तहत, रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक का भारी टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है। इस नाटकीय कदम के बाद, क्या दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत को ऊर्जा सुरक्षा और अमेरिकी नाराजगी के बीच कोई कड़ा रुख अपनाना होगा? आइए जानते हैं इस कानून के मायने और भारत पर इसके संभावित प्रभावों का पूरा सच।

Contents
क्या है ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड इरान एक्ट आफ 2026‘किन-किन देशों पर लटकी है 100% टैरिफ की तलवारअमेरिकी राष्ट्रपति तय करेंगे टैरिफ की दर और रणनीतिक छूटभारत पर इस नए नियम का कितना असर पड़ेगा

क्या है ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड इरान एक्ट आफ 2026‘

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 सितंबर 2026 को इस नए कानून को मंजूरी दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों को और अधिक सख्त करना है।

इस कानून के दायरे में रूस के ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र, प्रमुख अधिकारी और तेल परिवहन की गुप्त व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसके साथ ही, रूस से ऊर्जा उत्पादों का आयात करने वाले देशों के खिलाफ सख्त आर्थिक कदम उठाने की राष्ट्रपति को पूर्ण शक्ति दी गई है।

किन-किन देशों पर लटकी है 100% टैरिफ की तलवार

इस नए अमेरिकी कानून के निशाने पर मुख्य रूप से वे देश हैं जो रूस से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीद रहे हैं। इस सूची में भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान के नाम प्रमुखता से शामिल हैं।

अमेरिका का यह कदम इन देशों की अर्थव्यवस्था और रूस के ऊर्जा राजस्व को सीधे तौर पर प्रभावित करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे रूस की युद्ध लड़ने की वित्तीय क्षमता को सीमित किया जा सके।

अमेरिकी राष्ट्रपति तय करेंगे टैरिफ की दर और रणनीतिक छूट

स्वचालित रूप से लागू नहीं होगा टैरिफ:  यह टैरिफ अपने आप लागू नहीं होता है। कानून के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति के पास यह अधिकार पूरी तरह सुरक्षित है कि वह राष्ट्रीय हित (National Interest) और कूटनीतिक संबंधों के आधार पर टैरिफ की दरें खुद तय करें या किसी मित्र देश को इसमें विशेष छूट प्रदान करें।

कूटनीतिक संतुलन की गुंजाइश: इस कानून के पारित होने का कतई यह अर्थ नहीं है कि भारत पर तुरंत 100% टैरिफ लागू हो गया है। अमेरिका के साथ भारत के सामरिक और कूटनीतिक संबंधों को देखते हुए, राष्ट्रपति स्तर पर कूटनीतिक वार्ताओं के जरिए भारत को इस भारी शुल्क से राहत मिलने की पूरी संभावना बनी हुई है।

भारत पर इस नए नियम का कितना असर पड़ेगा

नए अमेरिकी कानून से भारत के निर्यात और ऊर्जा आयात पर अल्पकालिक दबाव बढ़ सकता है। यदि अमेरिका भारतीय सामान पर 100% तक टैरिफ लागू करता है, तो अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद महंगे हो जाएंगे, जिसका सीधा असर टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी और फार्मास्यूटिकल्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर पड़ेगा।

इसके अलावा, रूस से सस्ता कच्चा तेल मिलने में बाधा आने पर भारत को वैकल्पिक और महंगे स्रोतों का रुख करना पड़ सकता है, जिससे आयात लागत बढ़ने और घरेलू स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

यह नया अमेरिकी कानून वैश्विक ऊर्जा व्यापार और भू-राजनीतिक समीकरणों को गहराई से प्रभावित करने की क्षमता रखता है। हालांकि भारत को रूस से तेल आयात के कारण आर्थिक और कूटनीतिक मोर्चे पर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के पास मौजूद विशेषाधिकार और रणनीतिक छूट का प्रावधान भारत के लिए एक बड़ी राहत है।

भारत और अमेरिका के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत यह तय करेगी कि द्विपक्षीय व्यापार बिना किसी भारी व्यवधान के पटरी पर बना रहे, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को किसी बड़े झटके से बचाया जा सके।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: America, DonaldTrump, geopolitics, GlobalEconomy, India, IndianPressHouse, indianpresshouse news, Iran, RUSSIA, TariffWar, Trending News, USIndiaTrade
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article खुशखबरी के बाद पहली बार लाइमलाइट में आए दीपिका-रणवीर, बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचे सिद्धिविनायक मंदिर!
Next Article ऑस्ट्रेलिया से अमेरिका आ रहे F-35 के अहम पुर्जे हॉन्गकॉन्ग पहुंचकर हुए गायब, क्या चीन के हाथ लग सकती है स्टील्थ तकनीक?

फीचर

View More

ब्रज से लेकर पूरे देश में गूंज रहे ‘राधे-राधे’ के जयकारे, जानिए क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी के ठीक 15 दिन बाद राधा जयंती

आज देश भर में श्रद्धा और उल्लास के साथ राधा अष्टमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग…

By news desk 4 Min Read

गणेश चतुर्थी स्पेशल: क्या आप जानते हैं कि उत्तराखंड की इस गुफा में आज भी मौजूद है बप्पा का असली सिर?

हर साल देश भर में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व बड़े ही…

5 Min Read

मुगलों से पहले भी था हरम का सिस्टम? जानिए किस सल्तनत में शुरू हुई शाही महिलाओं की यह व्यवस्था और कैसे तय होती थी रैंक

नई दिल्ली: हरम का नाम आते ही अक्सर मुगल बादशाहों और उनके…

5 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

EntertainmentTrending News

‘थामा’ को लेकर भरी महफिल में समय रैना ने किया नवाजुद्दीन सिद्दीकी को रोस्ट, अभिनेता के बेबाक जवाब ने लूटी महफिल

मशहूर कॉमेडियन समय रैना का पॉपुलर शो ‘इंडियंस गॉट लेटेंट’ सीजन 2 के साथ एक बार फिर सुर्खियों में छा…

4 Min Read
Trending Newsसियासी

बंगाल उपचुनाव: 24 घंटे में ममता बनर्जी को दूसरा झटका, नंदीग्राम के बाद अब रेजिनगर कैंडिडेट ने भी वापस लिया नाम

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी गुट को लगातार दूसरे दिन झटका लगा है। नंदीग्राम के…

3 Min Read
Trending Newsसियासी

दिल्ली गैंगरेप-हत्या पर राहुल-प्रियंका का सरकार पर हमला, बोले- महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी?

नई दिल्ली: दिल्ली के स्वरूप नगर में एक नाबालिग लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले ने महिला…

4 Min Read
Trending Newsफीचर

ब्रज से लेकर पूरे देश में गूंज रहे ‘राधे-राधे’ के जयकारे, जानिए क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी के ठीक 15 दिन बाद राधा जयंती

आज देश भर में श्रद्धा और उल्लास के साथ राधा अष्टमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?