लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। स्पेशल जज की कोर्ट ने मुख्य आरोपी बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को गैर-इरादतन हत्या (IPC की धारा 304) का दोषी करार दिया है। वहीं, मामले में आरोपी बनाए गए दूसरे सिपाही संदीप कुमार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
दोषी करार दिए गए पूर्व सिपाही प्रशांत चौधरी की सजा की अवधि पर अदालत 21 सितंबर को फैसला सुनाएगी।
विवेक तिवारी हत्याकांड से जुड़े 5 बड़े अपडेट्स:
- मुख्य आरोपी दोषी करार: लखनऊ जिला जज की अदालत ने एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या के मामले में सिपाही प्रशांत चौधरी को गैर-इरादतन हत्या में दोषी पाया है।
- दूसरे आरोपी सिपाही को राहत: मामले में सह-आरोपी रहे दूसरे सिपाही संदीप कुमार को कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
- 21 सितंबर को सजा का फैसला: कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद अब 21 सितंबर को प्रशांत चौधरी की सजा पर अंतिम सुनवाई और ऐलान होगा।
- क्या थी घटना?: 28 सितंबर 2018 की देर रात लखनऊ के गोमती नगर इलाके में चेकिंग के दौरान सिपाही प्रशांत चौधरी ने विवेक तिवारी की गाड़ी पर गोली चला दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
- 8 साल बाद मिला इंसाफ: साल 2018 में हुए इस हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर/हत्याकांड ने पूरे देश में तूल पकड़ा था। लगभग 8 साल तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला है।
28 सितंबर 2018 की रात क्या हुआ था?
एप्पल कंपनी के तत्कालीन एरिया मैनेजर विवेक तिवारी अपनी सहकर्मी के साथ एसयूवी कार से घर लौट रहे थे। गोमती नगर में गश्त कर रहे दो सिपाहियों प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार ने गाड़ी रोकने का इशारा किया।
गाड़ी न रोकने पर सिपाही प्रशांत चौधरी ने पिस्तौल से विवेक तिवारी पर सीधे गोली चला दी। गोली विंडस्क्रीन को चीरते हुए विवेक तिवारी को लगी और अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद यूपी पुलिस और प्रशासन पर काफी सवाल उठे थे।