टाटा ग्रुप के नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल को अगले पांच साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया गया है। गुरुवार को हुई टाटा संस बोर्ड की बैठक में उनके पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
पांच साल और टाटा ग्रुप की कमान संभालेंगे चंद्रशेखरन
एन चंद्रशेखरन टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर अगले पांच साल तक अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। बोर्ड की बैठक में उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
चंद्रशेखरन जनवरी 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे। इससे पहले वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर रह चुके हैं।
टाटा ग्रुप के लिए क्यों अहम है यह फैसला
चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने कई बड़े कारोबारी फैसले किए हैं। उनके कार्यकाल में ग्रुप ने टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, एविएशन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में विस्तार पर जोर दिया है।
उनके कार्यकाल में एयर इंडिया का टाटा ग्रुप में वापस आना भी प्रमुख घटनाक्रमों में शामिल रहा है। इसके अलावा सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे नए क्षेत्रों में ग्रुप की मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
अब आगे की रणनीति पर नजर
कार्यकाल बढ़ने के बाद टाटा ग्रुप की आगे की कारोबारी रणनीति पर भी नजर रहेगी। खास तौर पर सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, एयरलाइन कारोबार और डिजिटल बिजनेस जैसे क्षेत्रों में ग्रुप के विस्तार को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टाटा संस टाटा ग्रुप की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है और ग्रुप की कई बड़ी कंपनियों में इसकी हिस्सेदारी है। ऐसे में चेयरमैन के तौर पर चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ना ग्रुप के भविष्य के नेतृत्व और रणनीतिक दिशा के लिहाज से अहम फैसला है।