उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माणाधीन फोरलेन सड़क का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने एचएन सिंह चौराहे से हड़हवा फाटक रोड और जागेश्वर पासी चौराहा होते हुए गोरखनाथ मंदिर तक बन रहे फोरलेन का जायजा लिया। इस दौरान सीएम ने निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों को तय मानकों के साथ काम समयसीमा में पूरा करने और निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए।
प्रोजेक्ट पर कितनी आ रही लागत?
करीब 4.230 किलोमीटर लंबे फोरलेन प्रोजेक्ट पर 245.44 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आ रही है। यह मार्ग एचएन सिंह चौराहे से हड़हवा फाटक रोड और जागेश्वर पासी चौराहे होते हुए गोरखनाथ मंदिर तक बनाया जा रहा है।
परियोजना पूरी होने के बाद इस रूट पर यातायात और कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय लोगों और मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सकती है।
अधिकारियों को सीएम योगी ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने और निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने के निर्देश दिए।
सीएम ने परियोजना को तय समयसीमा में पूरा कराने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही निर्माण कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो, इसका ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को परियोजना की प्रगति पर लगातार निगरानी रखने और काम को निर्धारित मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
फोरलेन पूरा होने के बाद क्या बदलेगा?
फोरलेन का निर्माण पूरा होने के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है। सड़क की क्षमता बढ़ने से वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है और स्थानीय लोगों के साथ इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलने की संभावना है।
खास तौर पर गोरखनाथ मंदिर की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सड़क सुविधा महत्वपूर्ण होगी। वहीं, स्थानीय स्तर पर बढ़ती आवाजाही को देखते हुए फोरलेन परियोजना शहर की कनेक्टिविटी को मजबूत करने में भूमिका निभा सकती है।