गाजियाबाद के गौर सिद्धार्थम सोसाइटी से सामने आए एक मामले ने एक बार फिर बढ़ते पढ़ाई के दबाव और मानसिक परेशानियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार शाम यहां एक 16 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल से दो पेज का एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें छात्रा ने पढ़ाई से जुड़े दबाव का जिक्र किया है।
क्या है पूरा मामला?
विजयनगर थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मपाल सिंह के मुताबिक, घटना मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे की है। करीब सात बजे डायल-112 के माध्यम से पुलिस को गौर सिद्धार्थम सोसाइटी में एक किशोरी के ऊंचाई से गिरने की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही विजयनगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और किशोरी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद सोसाइटी में अफरा-तफरी का माहौल रहा और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए।
क्या लिखा सुसाइड नोट में?
सुसाइड नोट में छात्रा ने परिजनों को लिखा कि आप सब लोग जो मेरी चिंता कर रहे हैं, अब नहीं करिए। अपनी जिंदगी खुशी-खुशी जिओ। मैं किसी को दोष नहीं देती। जितने भी मेरे दोस्त हैं, कृपया मेरी वजह से आप लोग अपनी जिंदगी खराब मत करो। मम्मी-पापा आप दोनों की एक और बेटी है। कृपया, मेरी वजह से उसका घर भविष्य खराब मत करना।
छात्रा ने आगे लिखा कि मौसा-मौसी जी, मामा-मामी, चाचा-चाची और नानी आप सभी खुश रहो। छोटी बहन को संबोधित करते हुए लिखा कि सॉरी यार तुम लोग भी मेरे बारे में ज्यादा मत सोचो और सफल बनो।
जांच में जुटी पुलिस-प्रशासन
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। एसीपी कोतवाली उपासना पांडेय के अनुसार, मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।
पुलिस सुसाइड नोट की लिखावट की भी जांच करा रही है। इसके अलावा घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। हालांकि, सुसाइड नोट में पढ़ाई से जुड़े दबाव का जिक्र सामने आने के बाद किशोरों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह मामला परिवार, स्कूल और समाज के लिए बच्चों की मानसिक परेशानियों को समय रहते समझने की जरूरत पर भी सवाल खड़े करता है।