उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह कोई सियासी बयान नहीं, बल्कि उनकी हत्या की कथित साजिश का दावा है। चंद्रशेखर आजाद ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की साजिश रची गई। साथ ही उन्होंने बाराबंकी में अपने काफिले पर हुए हमले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि चंद्रशेखर आजाद के लगाए आरोपों में कितनी सच्चाई है? या फिर ये आरोप सिर्फ दलित वोटबैंक को अपने पक्ष में लामबंद करने की एक सोची-समझी सियासी रणनीति का हिस्सा हैं?
क्या कहा वीडियो में चंद्रशेखर ने?
आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने हाल ही में जारी एक वीडियो में दावा किया कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की साजिश रची गई है। उन्होंने कहा कि उनके पास इस संबंध में पुख्ता सूचनाएं और स्रोत हैं।
चंद्रशेखर ने सरकार से मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में हत्या की कथित साजिश के साथ-साथ बाराबंकी में उनके काफिले पर हुए हमले की भी जांच होनी चाहिए।
वीडियो में उन्होंने अपने विरोधियों को संदेश देते हुए कहा कि मौत तय है और वह मौत से डरने वाले नहीं हैं।
गोंडा जाते वक्त रोका गया काफिला
बीते रविवार को चंद्रशेखर आजाद का काफिला गोंडा जा रहा था। इसी दौरान बाराबंकी के टोल प्लाजा पर उनके काफिले की सभी कारों को रोक दिया गया। इस दौरान सांसद और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
बता दें कि चंद्रशेखर आजाद कारोबारी विनोद साहनी हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार से मुलाकात करने गोंडा जा रहे थे। काफिले को रोके जाने के बाद चंद्रशेखर ने पुलिस-प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए और मामले की जांच की मांग की।
चंद्रशेखर आजाद की राजनीति का बड़ा आधार दलित समुदाय के मुद्दे रहे हैं। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और इस तरह के मामलों पर उनकी मुखरता को दलित राजनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
हालांकि, हत्या की कथित साजिश के दावों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल यह मामला कानून-व्यवस्था के साथ-साथ यूपी की दलित राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।