लखनऊ: घर, दुकान और यहां तक कि गाड़ियों के आगे नींबू-मिर्च लटकी हुई आपने भी जरूर देखी होगी। आमतौर पर इसे बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से बचाने का उपाय माना जाता है। लेकिन सवाल यह है कि नींबू-मिर्च टांगने की यह परंपरा सिर्फ मान्यता और अंधविश्वास पर आधारित है या इसके पीछे कुछ व्यावहारिक और वैज्ञानिक कारण भी बताए जाते हैं? दरअसल, इससे जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ कुछ ऐसे कारण भी बताए जाते हैं, जिनकी वजह से पुराने समय से इसका इस्तेमाल होता आया है।
कीड़े-मकौड़ों को दूर रखने से जुड़ा है यह कारण
नींबू की खट्टी महक और मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन की तीखी गंध को मक्खी, मच्छर और छोटे कीट-पतंगों को दूर रखने से जोड़ा जाता है। इसी वजह से नींबू-मिर्च को घर, दुकान या वाहन के आसपास कीटों को दूर रखने के एक प्राकृतिक उपाय के तौर पर देखा जाता रहा है।
क्या नींबू-मिर्च से हवा भी शुद्ध होती है?
मान्यता है कि नींबू और मिर्च को जब सूत के धागे में पिरोया जाता है तो धागा नींबू के रस और अम्ल को सोख लेता है। हवा के संपर्क में आने पर इसकी हल्की खुशबू आसपास फैलती है। इसी आधार पर इसे वातावरण को शुद्ध रखने से भी जोड़ा जाता है।
पुराने समय में प्राकृतिक कीटनाशक की तरह होता था इस्तेमाल
पहले के समय में नींबू-मिर्च को एक प्राकृतिक उपाय के रूप में इस्तेमाल किए जाने की बात कही जाती है। माना जाता था कि इसकी वजह से जहरीले या रेंगने वाले जीव घर और दुकान के भीतर आने से दूर रहते हैं। इसलिए इसे केवल अंधविश्वास मानने के बजाय इसके पीछे कुछ व्यावहारिक कारण भी बताए जाते हैं।
बुरी नजर से बचाने की धार्मिक मान्यता
नींबू-मिर्च को लेकर सबसे प्रचलित मान्यता बुरी नजर से जुड़ी है। माना जाता है कि किसी की ईर्ष्या या नकारात्मक नजर का असर नींबू-मिर्च पर पड़ता है और इससे घर या दुकान सुरक्षित रहती है। इसी विश्वास के चलते इसे मुख्य दरवाजे पर लटकाने की परंपरा चली आ रही है।
अलक्ष्मी से जुड़ी है नींबू-मिर्च की एक खास मान्यता
पौराणिक मान्यताओं में माता लक्ष्मी की बहन अलक्ष्मी को दरिद्रता का प्रतीक माना गया है। कहा जाता है कि उन्हें खट्टी, तीखी और चटपटी चीजें पसंद हैं। इसी वजह से मान्यता है कि दरवाजे पर लगी नींबू-मिर्च देखकर वह वहीं इसे खाकर संतुष्ट हो जाती हैं और घर या दुकान के भीतर प्रवेश किए बिना वापस लौट जाती हैं।
मंगलवार या शनिवार को क्यों टांगते हैं नींबू-मिर्च?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर या दुकान के मुख्य द्वार पर नींबू-मिर्च लगाने के लिए मंगलवार और शनिवार को शुभ माना जाता है। इन दोनों दिनों को नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से बचाव के लिए विशेष माना जाता है। कई लोग शुक्रवार को नींबू-मिर्च खरीदकर शनिवार सुबह इसे मुख्य दरवाजे पर लटकाते हैं।
एक नींबू के साथ कितनी मिर्च लगाई जाती हैं?
मान्यता के अनुसार, नजर दोष से बचाव के लिए एक नींबू के साथ 5 या 7 हरी मिर्च धागे में पिरोकर मुख्य द्वार पर लगाई जाती हैं। कुछ मान्यताओं में पूरे घर के लिए कुल 3, 7 या 13 लटकन एक साथ नहीं लगाने की बात कही जाती है।
नींबू-मिर्च कब बदलनी चाहिए?
मान्यता के अनुसार, नींबू-मिर्च के सूख जाने पर उसे बदल देना चाहिए। आमतौर पर इसे हर सप्ताह या 7 से 10 दिन के भीतर बदलने की बात कही जाती है। धार्मिक मान्यताओं में पुराने नींबू-मिर्च को शनिवार या मंगलवार को उतारकर किसी सुनसान स्थान पर रखने की बात कही गई है।