नई दिल्ली: 10 सितंबर 2026 का चौघड़िया उन लोगों के लिए खास है, जो किसी नए काम की शुरुआत, यात्रा, खरीदारी या पूजा-पाठ के लिए शुभ समय देखना चाहते हैं। पंचांग के अनुसार आज शुभ, लाभ और अमृत चौघड़िया के समय महत्वपूर्ण कार्य करना अनुकूल माना जाता है। वहीं राहुकाल और अन्य अशुभ अवधि में नई शुरुआत से बचने की परंपरा है। यहां जानिए 10 सितंबर के दिन-रात के चौघड़िया, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचांग से जुड़ी पूरी जानकारी।
10 सितंबर 2026 का पंचांग
तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
वार: गुरुवार
नक्षत्र: मघा
योग: सिद्ध
करण: शकुनि
त्योहार और व्रत: गुरुवार
सूर्योदय: 6:15 AM
सूर्यास्त: 6:32 PM
चंद्रोदय: 5:10 AM
चंद्रास्त: 6:04 PM
10 सितंबर को चंद्रमा सिंह राशि में संचार करेगा।
दिन का चौघड़िया मुहूर्त
शुभ: 06:15 AM से 07:47 AM
रोग: 07:47 AM से 09:19 AM
उद्वेग: 09:19 AM से 10:51 AM
चर: 10:51 AM से 12:23 PM
लाभ: 12:23 PM से 01:55 PM
अमृत: 01:55 PM से 03:28 PM
काल: 03:28 PM से 05:00 PM
शुभ: 05:00 PM से 06:32 PM
दिन के चौघड़िया में अमृत का समय सबसे शुभ माना जाता है। इसके अलावा लाभ और शुभ चौघड़िया भी महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
रात का चौघड़िया मुहूर्त
अमृत: 06:32 PM से 08:00 PM
चर: 08:00 PM से 09:28 PM
रोग: 09:28 PM से 10:56 PM
काल: 10:56 PM से 12:24 AM
लाभ: 12:24 AM से 01:52 AM
उद्वेग: 01:52 AM से 03:20 AM
शुभ: 03:20 AM से 04:48 AM
अमृत: 04:48 AM से 06:16 AM
रात्रि के चौघड़िया में अमृत, शुभ और लाभ की अवधि को अपेक्षाकृत अनुकूल माना जाता है।
10 सितंबर के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 11:59 AM से 12:48 PM
अमृत काल: 11:46 AM से 01:17 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:39 AM से 05:27 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:54 PM से 06:42 PM
प्रदोष काल: 06:18 PM से 07:48 PM
निशिता काल: 11:40 PM से 12:26 AM
सर्वार्थसिद्धि योग: 8 सितंबर 04:39 PM से 9 सितंबर 06:15 AM
दिए गए डेटा के अनुसार सर्वार्थसिद्धि योग का समय 8 सितंबर की शाम से 9 सितंबर की सुबह तक है। इसलिए 9 सितंबर के सूर्योदय के बाद इसका केवल अंतिम हिस्सा रहेगा।
गोवत्स द्वादशी का धार्मिक महत्व
गोवत्स द्वादशी यानी बछ बारस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गौ माता और बछड़े की पूजा करने की परंपरा है। संतान की सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना के लिए इस व्रत को विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दूध और दूध से बनी चीजों के सेवन से परहेज किया जाता है।
10 सितंबर का अशुभ समय
राहु: 01:55 PM से 03:28 PM
यम गंड: 06:15 AM से 07:47 AM
कुलिक: 09:19 AM से 10:51 AM
दुर्मुहूर्त: 10:21 AM से 11:10 AM और 03:15 PM से 04:04 PM
वर्ज्यम्: 09:48 PM से 11:21 PM
गंडमूल नक्षत्र: 9 सितंबर 03:14 PM से 10 सितंबर 02:04 PM
पंचांग की गणना स्थान के अनुसार बदल सकती है। इसलिए अलग-अलग शहरों में समय में कुछ मिनट का अंतर संभव है।
10 सितंबर का चंद्र बल
दिए गए विवरण के अनुसार चंद्र बल मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुंभ और मीन राशि के लिए बताया गया है।
10 सितंबर को चंद्रमा कर्क राशि में रहने का भी उल्लेख दिया गया है। पुष्य नक्षत्र के प्रभाव के कारण धार्मिक और पारंपरिक कार्यों के लिए दिन का महत्व बढ़ जाता है।
आज का ताराबल
भरणी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा और रेवती।
चौघड़िया क्यों देखा जाता है?
भारतीय ज्योतिष में चौघड़िया के जरिए दिन और रात को अलग-अलग समय खंडों में बांटकर शुभ और अशुभ अवधि का संकेत दिया जाता है। इसी वजह से कई लोग विवाह, खरीदारी, यात्रा, व्यापार और धार्मिक अनुष्ठान जैसे कामों से पहले चौघड़िया देखकर समय तय करते हैं।
आज किन कामों के लिए शुभ समय माना गया है?
नया कारोबार शुरू करना हो, किसी जरूरी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने हों, वाहन या संपत्ति खरीदनी हो, पूजा-पाठ करना हो या किसी अन्य शुभ कार्य की शुरुआत करनी हो, तो शुभ, लाभ और अमृत चौघड़िया को अनुकूल माना जाता है। मान्यता है कि इन अवधियों में किए गए कार्य सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।
यात्रा के लिए कौन सा समय बेहतर?
आज यात्रा करना जरूरी हो तो शुभ, चर या लाभ चौघड़िया में प्रस्थान करना बेहतर माना जाता है। राहुकाल और काल चौघड़िया के दौरान नई यात्रा शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। अगर इन अवधियों में यात्रा करना जरूरी हो, तो इष्ट देव का स्मरण करके प्रस्थान करने की परंपरा है।
खरीदारी के लिए शुभ समय
सोना-चांदी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, जमीन, घर या अन्य मूल्यवान वस्तुओं की खरीदारी के लिए लाभ, शुभ और अमृत चौघड़िया को अच्छा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इन समयों में की गई खरीदारी को शुभ और लाभकारी माना जाता है।
राहुकाल में किन कामों से बचें?
राहुकाल को नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नया कारोबार, निवेश या किसी बड़े निर्णय को टालने की सलाह दी जाती है। हालांकि, पहले से चल रहे सामान्य दैनिक कार्य किए जा सकते हैं। राहुकाल समाप्त होने के बाद शुभ कार्य शुरू करना अधिक उचित माना जाता है।