Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: राजपाट गया, परिवार बिछड़ा और चांडाल की दासता करनी पड़ी… फिर अजा एकादशी ने कैसे पलट दी राजा हरिश्चंद्र की पूरी जिंदगी?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Latest News > राजपाट गया, परिवार बिछड़ा और चांडाल की दासता करनी पड़ी… फिर अजा एकादशी ने कैसे पलट दी राजा हरिश्चंद्र की पूरी जिंदगी?
Latest Newsधर्म

राजपाट गया, परिवार बिछड़ा और चांडाल की दासता करनी पड़ी… फिर अजा एकादशी ने कैसे पलट दी राजा हरिश्चंद्र की पूरी जिंदगी?

vineet verma
Last updated: September 7, 2026 9:58 am
vineet verma
Share
SHARE

नई दिल्ली: अजा एकादशी का व्रत आज 7 सितंबर 2026 को रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत अनजाने में हुए पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। इस एकादशी से जुड़ी राजा हरिश्चंद्र की कथा बेहद खास मानी जाती है। मान्यता है कि पूजा के दौरान अजा एकादशी व्रत कथा सुनने या पढ़ने से व्रत का पूरा फल प्राप्त होता है। यही वजह है कि आज की पूजा में कथा के साथ भगवान विष्णु और एकादशी माता की आरती करने की भी परंपरा है।

Contents
राजा हरिश्चंद्र को क्यों छोड़ना पड़ा राजपाट?दुख में डूबे राजा को मिला अजा एकादशी का रास्ताव्रत के प्रभाव से वापस मिला परिवार और राजपाटपूजा के बाद करें एकादशी माता और भगवान विष्णु की आरती

एकादशी तिथि 6 सितंबर की शाम 7:29 बजे शुरू हुई और 7 सितंबर की शाम 5:03 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर को रखा जा रहा है। व्रत का पारण 8 सितंबर को सुबह 6:02 बजे से 8:33 बजे तक किया जाएगा। पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 1:22 बजे से 2:14 बजे तक रहेगा।

राजा हरिश्चंद्र को क्यों छोड़ना पड़ा राजपाट?

पौराणिक कथा के अनुसार, युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी के बारे में पूछा था। तब भगवान कृष्ण ने इसे अजा एकादशी बताया और कहा कि यह पापों का नाश करने वाली मानी जाती है।

इसी से जुड़ी कथा राजा हरिश्चंद्र की है, जिन्हें सत्य और अपने वचन के लिए जाना जाता था। कथा के अनुसार, एक समय उन्हें अपने कर्मों का फल भोगना पड़ा और राजपाट छोड़ने की स्थिति आ गई। मान्यता है कि एक रात सपने में विश्वामित्र मुनि दिखाई दिए और राजा ने अपना पूरा राज्य उन्हें दान कर दिया। अगले दिन विश्वामित्र ने उनसे राज्य मांग लिया।

राजा ने अपना वचन निभाते हुए राजपाट सौंप दिया। इसके बाद उन्हें पत्नी और पुत्र तक को बेचने की स्थिति का सामना करना पड़ा। अंत में उन्हें चांडाल की दासता करनी पड़ी और मुर्दों के कफन लेकर जीवन चलाना पड़ा। इतनी कठिन परिस्थितियों के बावजूद कथा के अनुसार हरिश्चंद्र सत्य के मार्ग से नहीं हटे।

दुख में डूबे राजा को मिला अजा एकादशी का रास्ता

लंबे समय तक चांडाल की दासता करने के बाद राजा हरिश्चंद्र बेहद दुखी रहने लगे। वह सोचने लगे कि इस संकट से बाहर निकलने का रास्ता क्या है और उनका दुख कब खत्म होगा।

राजा को इस तरह परेशान देखकर महर्षि गौतम उनके पास पहुंचे। हरिश्चंद्र ने उन्हें प्रणाम किया और अपनी पूरी पीड़ा बताई। उनकी स्थिति सुनने के बाद महर्षि गौतम ने उन्हें भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी के बारे में बताया।

महर्षि ने कहा कि यह एकादशी पुण्य देने वाली मानी जाती है और इसके व्रत से पापों का अंत होता है। इसके बाद राजा ने विधि-विधान से अजा एकादशी का व्रत किया और रात में जागरण किया।

व्रत के प्रभाव से वापस मिला परिवार और राजपाट

कथा के अनुसार, अजा एकादशी का व्रत करने के बाद राजा हरिश्चंद्र के जीवन के संकट दूर होने लगे। उन्हें अपनी पत्नी और पुत्र फिर से मिल गए। इसके बाद उन्हें अपना राज्य भी वापस प्राप्त हुआ।

मान्यता है कि अंत में राजा हरिश्चंद्र स्वर्गलोक गए। भगवान श्रीहरि ने कहा कि जो व्यक्ति अजा एकादशी की कथा का महात्म्य सुनता है, उसे अश्वमेध यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है। इसी धार्मिक मान्यता के कारण अजा एकादशी पर व्रत कथा पढ़ने और सुनने को विशेष महत्व दिया जाता है।

पूजा के बाद करें एकादशी माता और भगवान विष्णु की आरती

अजा एकादशी की पूजा में व्रत कथा के साथ आरती करने की भी परंपरा है। मान्यता के अनुसार, इस दिन एकादशी माता और भगवान विष्णु की आरती की जाती है।

एकादशी माता की आरती में साल की अलग-अलग एकादशियों का वर्णन करते हुए देवी की महिमा का गुणगान किया जाता है। वहीं भगवान विष्णु की आरती ‘ॐ जय जगदीश हरे’ के साथ की जाती है। श्रद्धालु पूजा के बाद आरती करके भगवान विष्णु से सुख, शांति और कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Aja Ekadashi 2026, Aja Ekadashi Date, Aja Ekadashi Vrat, Aja Ekadashi Vrat Katha, Ekadashi Aarti, Ekadashi Vrat, अजा एकादशी 2026, अजा एकादशी आरती, अजा एकादशी पारण, अजा एकादशी पूजा, अजा एकादशी व्रत कथा, धार्मिक कथा, भगवान विष्णु की आरती, राजा हरिश्चंद्र की कथा, हरिश्चंद्र और चांडाल
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article इजरायल को फिर 7 अक्टूबर जैसे हमले का डर? ईरान ने हमास-हिजबुल्लाह समेत कई गुटों को जोड़कर बनाया बड़ा प्लान, तेल अवीव के दावे ने बढ़ाई टेंशन
Next Article शादी के सिर्फ 5 महीने बाद क्यों टूटा रिश्ता? ‘बिग बॉस 20’ में छलका ईशा रिखी का दर्द, बोलीं- भरोसा टूटा तो खुद की जिंदगी में ही बन गई थी साइड किरदार

फीचर

View More

दिन में चुभती धूप, शाम होते ही कंपकंपी! आखिर गर्मियों में भी हिल स्टेशन पर सूरज ढलते ही क्यों बढ़ जाती है ठंड?

नई दिल्ली: गर्मियों में जब मैदानी शहर भीषण गर्मी से तप रहे होते हैं, तब हिल स्टेशन का सुहावना मौसम…

By vineet verma 5 Min Read

बिना शारीरिक संबंध बनाए पार्टनर दे रहा है धोखा! जानिए क्या है इमोशनल चीटिंग और इसके खतरनाक 5 रेड फ्लैग्स

'विश्वास' किसी भी रिश्ते की नींव होता है, लेकिन क्या हो जब…

5 Min Read

करवा चौथ 2026: चांद के दीदार के लिए क्यों जरूरी है ‘छलनी’? जानिए इसके पीछे छिपा पौराणिक राज और अनोखा धार्मिक कारण

नवरात्र और विजयादशमी के पावन पर्व के समापन के बाद अब देशभर…

4 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Latest Newsसेहत

बच्चों से बुजुर्गों तक, आखिर रोज कितना प्रोटीन चाहिए? उम्र और वजन के हिसाब से समझें सही मात्रा, ये हैं आसान फूड्स

नई दिल्ली: शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह मांसपेशियों को…

5 Min Read
Latest Newsफीचर

दिन में चुभती धूप, शाम होते ही कंपकंपी! आखिर गर्मियों में भी हिल स्टेशन पर सूरज ढलते ही क्यों बढ़ जाती है ठंड?

नई दिल्ली: गर्मियों में जब मैदानी शहर भीषण गर्मी से तप रहे होते हैं, तब हिल स्टेशन का सुहावना मौसम…

5 Min Read
Latest Newsबाजार

Airtel के ₹200 रिचार्ज में YouTube Premium और 30GB डेटा! OTT के भी कई फायदे, लेकिन रिचार्ज से पहले जान लें ये शर्तें

नई दिल्ली: अगर आप YouTube पर वीडियो देखते समय बार-बार आने वाले विज्ञापनों से परेशान हैं, तो एयरटेल का 200…

5 Min Read
Latest Newsबाजार

लखनऊ से प्रयागराज तक का सफर तय कर सकता है ये इलेक्ट्रिक स्कूटर! ₹10,000 की छूट, 243KM तक रेंज और कीमत भी जान लीजिए

नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए सिंपल एनर्जी ने खास ऑफर पेश किया है।…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?