नई दिल्ली।आज 28 अगस्त 2026 को देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक यह पर्व इस बार कई शुभ संयोगों के बीच मनाया जा रहा है। अगर आप सुबह राखी नहीं बांध पाए हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। शाम के समय भी राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त बताया गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्षाबंधन पर बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और उसके सुखी, स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। बदले में भाई बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है।
शाम को कब बांध सकते हैं राखी?
अगर सुबह या दोपहर का मुहूर्त निकल गया है और आप शाम को राखी बांधने की तैयारी कर रहे हैं, तो समय जरूर नोट कर लें।
शाम का शुभ मुहूर्त शाम 5:30 बजे से 7:00 बजे तक बताया गया है। यानी भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए शाम में करीब डेढ़ घंटे का समय रहेगा।
हालांकि, धार्मिक परंपराओं में रक्षाबंधन का पर्व आमतौर पर सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच मनाने की बात कही गई है।
रक्षाबंधन 2026 के शुभ मुहूर्त
- सुबह: 6:15 बजे से 11:00 बजे तक
- दोपहर: 12:30 बजे से 2:00 बजे तक
- शाम: 5:30 बजे से 7:00 बजे तक
इसलिए जिन बहनों से सुबह राखी बांधने का समय छूट गया है, उनके पास शाम को भी शुभ समय का विकल्प मौजूद है।
इस बार क्यों खास है रक्षाबंधन?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन पर शतभिषा नक्षत्र के साथ अतिगंड, शोभन, शिव और विजय योग समेत कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इन्हीं वजहों से इस साल का रक्षाबंधन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है।
कैसे बांधें भाई को राखी?
रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय पारंपरिक रूप से भाई को साफ आसन पर बैठाया जाता है। इसके बाद पूजा की थाली में रखी रोली, अक्षत और दीपक से पूजा की जाती है।
भाई के माथे पर रोली या कुमकुम का तिलक लगाकर अक्षत चढ़ाएं। इसके बाद आरती उतारकर भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें। राखी बांधने के बाद भाई को मिठाई खिलाएं।
मान्यता है कि इस दौरान बहन अपने भाई के सुख, समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती है। भाई भी बहन की रक्षा का संकल्प लेते हुए उसे उपहार देता है।
राखी बांधते समय बोलें ये मंत्र
धार्मिक परंपरा में रक्षा सूत्र बांधते समय इस मंत्र का जाप किया जाता है—
“येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामपि बध्नामि, रक्षे माचल माचलः॥”
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मंत्र के साथ भाई के सुरक्षित और सुखी जीवन की कामना की जाती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य परंपराओं पर आधारित है। अलग-अलग पंचांग और स्थान के अनुसार मुहूर्त में अंतर हो सकता है।