नई दिल्ली: वर्ष 2026 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगेगा। इससे पहले इसी साल 3 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण हुआ था। इस बार लगने वाला ग्रहण आंशिक होगा और ज्योतिषीय गणना के अनुसार कुंभ राशि तथा शतभिषा नक्षत्र में पड़ेगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल भी मान्य नहीं माना जाएगा।
कब शुरू होगा चंद्र ग्रहण, कितनी देर रहेगा?
भारतीय समय के अनुसार चंद्र ग्रहण 28 अगस्त की सुबह 6:53 बजे शुरू होगा। उपछाया और मुख्य छाया को मिलाकर ग्रहण की पूरी प्रक्रिया करीब 5 घंटे 38 मिनट तक चलेगी, जबकि इसका मुख्य आंशिक चरण लगभग 3 घंटे 18 मिनट का होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू होता है, लेकिन भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण यहां सूतक मान्य नहीं होगा।
ग्रहण के दौरान चंद्रमा का कैसा दिखेगा रूप?
यह गहरे स्तर का आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। पृथ्वी की घनी छाया यानी मुख्य छाया चंद्रमा के करीब 96.2 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगी। ऐसे में अधिकतम ग्रहण के समय चंद्रमा का छोटा हिस्सा ही चमकीला दिखाई देगा।
ग्रहण के दौरान चंद्रमा के बड़े हिस्से के गहरे लाल या तांबे जैसे रंग में दिखाई देने की संभावना है। इसी वजह से इसका दृश्य ‘ब्लड मून’ जैसा नजर आ सकता है। इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी से अपनी कक्षा में अपेक्षाकृत अधिक दूरी पर होगा, इसलिए यह सामान्य पूर्णिमा के चंद्रमा की तुलना में थोड़ा छोटा दिखाई देगा। इसे ‘माइक्रो मून’ प्रभाव कहा जाता है।
किन देशों और क्षेत्रों में दिखाई देगा ग्रहण?
28 अगस्त का यह चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका तथा प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में ग्रहण के समय यहां सूर्योदय हो चुका होगा और चंद्रमा अस्त हो चुका होगा। यही वजह है कि भारतीय क्षेत्र से यह खगोलीय घटना दिखाई नहीं देगी।
इन 5 राशियों के लिए शुभ माना जा रहा ग्रहण
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस चंद्र ग्रहण का पांच राशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
मेष राशि वालों के लिए आय के नए रास्ते खुलने और रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बताए गए हैं। परिवार में भी खुशियों का माहौल बन सकता है।
सिंह राशि के जातकों के आत्मविश्वास और मान-सम्मान में बढ़ोतरी हो सकती है। नौकरी और कारोबार में लाभ मिलने के संकेत हैं।
धनु राशि के लिए यह समय भाग्य का साथ देने वाला माना जा रहा है। सुखद यात्राओं के साथ मांगलिक कार्यों में शामिल होने के अवसर मिल सकते हैं।
मकर राशि वालों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ करियर में आगे बढ़ने के अवसर बन सकते हैं। अटके हुए काम भी पूरे होने की संभावना है।
मीन राशि के जातकों के पारिवारिक मतभेद दूर हो सकते हैं। व्यापारिक योजनाओं में सफलता मिलने और सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी के संकेत हैं।
चंद्र ग्रहण के दौरान कौन से उपाय करने की मान्यता है?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव के मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ या चंद्रमा के बीज मंत्र ‘ॐ सों सोमाय नमः’ का जाप किया जा सकता है।
ग्रहण समाप्त होने के बाद जरूरतमंदों को दूध, दही, चावल या सफेद वस्त्र जैसी सफेद वस्तुओं का दान करने की भी मान्यता है। इसके अलावा नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करने की सलाह दी जाती है।