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Reading: दिल्ली प्रदर्शन पर पुलिस का बड़ा दावा, ‘अत्यधिक बल प्रयोग नहीं हुआ’; बैरिकेड टूटने के बाद बिगड़े थे हालात
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दिल्ली प्रदर्शन पर पुलिस का बड़ा दावा, ‘अत्यधिक बल प्रयोग नहीं हुआ’; बैरिकेड टूटने के बाद बिगड़े थे हालात

vineet verma
Last updated: August 18, 2026 2:09 pm
vineet verma
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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाबी हलफनामे में छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक या गैरकानूनी बल प्रयोग के आरोपों से इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक 20 जुलाई से शुरू हुआ प्रदर्शन शुरुआती दौर में शांतिपूर्ण था, लेकिन कई जगह बैरिकेड तोड़े जाने और प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ने की कोशिश के बाद स्थिति हिंसक हो गई। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस की कथित ज्यादती समेत अन्य पहलुओं की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने की बात कही है।

Contents
सुप्रीम कोर्ट बनाएगा उच्च स्तरीय समितिबैरिकेड तोड़ने और पुलिसकर्मियों पर हमले का दावाप्रदर्शन के दौरान 240 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायलफेस रिकग्निशन सिस्टम के इस्तेमाल का पुलिस ने किया बचाव‘चुनिंदा तस्वीरों और अधूरे वीडियो के आधार पर दायर हुईं याचिकाएं’

पुलिस ने अपने हलफनामे में बताया कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए करीब 5000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। करीब 3 किलोमीटर के क्षेत्र में 30000 से अधिक प्रदर्शनकारी मौजूद थे। पुलिस का दावा है कि जब भीड़ नियंत्रण से बाहर होने लगी, तब स्थिति संभालने के लिए चरणबद्ध तरीके से बल का इस्तेमाल किया गया।

सुप्रीम कोर्ट बनाएगा उच्च स्तरीय समिति

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की ज्यादती के आरोपों और इससे जुड़े अन्य मामलों की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश करेंगे। इसके अलावा एक पूर्व हाई कोर्ट जज और सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक भी समिति के सदस्य होंगे।

बैरिकेड तोड़ने और पुलिसकर्मियों पर हमले का दावा

दिल्ली पुलिस ने बताया कि उस समय नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत आदेश लागू थे। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को कई बार चेतावनी दी गई और वहां से हटने की अपील भी की गई, लेकिन इन अपीलों पर ध्यान नहीं दिया गया।

हलफनामे के मुताबिक कई स्थानों पर बैरिकेड तोड़े गए और कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया। पुलिस ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया है। उसका कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अन्य सभी उपाय अपनाए जाने के बाद ही न्यूनतम आवश्यक बल का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस ने टियर स्मोक और सीमित लाठीचार्ज के इस्तेमाल को भी उचित ठहराया है। उसके अनुसार इन कार्रवाइयों का उद्देश्य भीड़ को तितर-बितर करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।

प्रदर्शन के दौरान 240 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल

दिल्ली पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान 240 से अधिक पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। वहीं करीब 218 प्रदर्शनकारियों का मेडिको-लीगल परीक्षण कराया गया।

पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन स्थल पर सादे कपड़ों में अधिकारियों को ‘स्पॉटर्स’ के तौर पर तैनात किया गया था। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी हिंसा या आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान करना थी।

फेस रिकग्निशन सिस्टम के इस्तेमाल का पुलिस ने किया बचाव

प्रदर्शन स्थल पर फेस रिकग्निशन सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर भी दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखा है। पुलिस के मुताबिक इस प्रणाली के जरिए 2873 लोगों का मिलान पहले से उपलब्ध आपराधिक रिकॉर्ड से किया गया। इनमें 92 लोगों के खिलाफ 10 से अधिक मामलों में कथित संलिप्तता पाई गई।

पुलिस ने कहा है कि आपराधिक तत्वों की भूमिका की जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित की जाएगी। साथ ही उसने यह भी कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट किसी समिति का गठन करता है तो पुलिस उसकी जांच में पूरा सहयोग करेगी।

‘चुनिंदा तस्वीरों और अधूरे वीडियो के आधार पर दायर हुईं याचिकाएं’

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस ज्यादती को लेकर दाखिल याचिकाओं पर भी सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि इन याचिकाओं में चुनिंदा तस्वीरों और अधूरे वीडियो को आधार बनाया गया है। उसके मुताबिक पूरे घटनाक्रम और उस समय की परिस्थितियों को ध्यान में नहीं रखा गया।

हलफनामे में पुलिस ने कहा है कि प्रदर्शन के दौरान उसकी कार्रवाई कानूनी, सद्भावनापूर्ण और परिस्थितियों के अनुपात में थी। पुलिस के अनुसार भीड़ को नियंत्रित करने से पहले चेतावनी, अपील और दूसरे उपाय अपनाए गए थे और इनके प्रभावी नहीं होने के बाद ही बल का इस्तेमाल किया गया।

अब सुप्रीम कोर्ट के सामने दिल्ली पुलिस के इस जवाब के साथ प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए बल प्रयोग के आरोप भी विचार के लिए होंगे।

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TAGGED: Delhi Police Affidavit, delhi protest, Student Protest, Supreme Court, छात्र प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस हलफनामा, दिल्ली प्रदर्शन, नई दिल्ली प्रदर्शन, पुलिस ज्यादती, प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग, फेस रिकग्निशन सिस्टम, सुप्रीम कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट कमेटी
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