राम मंदिर चढ़ावा मामले की पहली SIT की फाइनल रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने यह रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को आरोपी नहीं बनाया गया है।
फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय-अनिल मिश्रा का नाम नहीं
सूत्रों के मुताबिक, SIT की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ आपराधिक भूमिका नहीं पाई गई है। दोनों के नाम आरोपियों की सूची में शामिल नहीं हैं।
बताया जा रहा है कि प्रारंभिक रिपोर्ट में भी चंपत राय को सीधे तौर पर दोषी नहीं माना गया था। वहीं, अनिल मिश्रा के संबंध में दान की रकम की गिनती और निगरानी व्यवस्था में लापरवाही से जुड़े सवाल उठे थे, लेकिन उन्हें सीधे आरोपी नहीं बनाया गया था।
फाइनल रिपोर्ट में भी दोनों के खिलाफ आरोपी के तौर पर कोई कार्रवाई की संस्तुति नहीं की गई है।
रिपोर्ट में 8 आरोपियों का जिक्र
SIT की जांच के बाद इस मामले में पहले ही FIR दर्ज की जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार, फाइनल रिपोर्ट में उन्हीं 8 लोगों को आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है, जिनके खिलाफ मामले में पहले कार्रवाई हो चुकी है।
जांच रिपोर्ट में दान की रकम की गिनती के दौरान बैंक और ट्रस्ट की निगरानी व्यवस्था से जुड़ी कुछ कमियों और प्रक्रियागत चूकों का भी उल्लेख किया गया है। इसके बाद व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
27 जून को चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया था इस्तीफा
चढ़ावा मामले की जांच के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा ने 27 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया था।
हालांकि, SIT की फाइनल रिपोर्ट में दोनों को आरोपी नहीं बनाए जाने की बात सामने आने के बाद उनके खिलाफ चढ़ावा मामले में आपराधिक कार्रवाई की संभावना को लेकर स्थिति अलग नजर आ रही है।
13 जून को बनी थी पहली SIT
राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। यह टीम ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद बनाई गई थी।
SIT की अध्यक्षता लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने की। टीम में लखनऊ रेंज की IG किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार सदस्य थे।
जांच टीम ने 23 जून को शासन को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद 25 जून को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में FIR दर्ज की गई थी।
अब दूसरी SIT की जांच पर नजर
राम मंदिर चढ़ावा मामले में अब आगे की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित दूसरी SIT कर रही है। ऐसे में पहली SIT की फाइनल रिपोर्ट के बाद अब दूसरी जांच में सामने आने वाले निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
मामले में मुख्य सवाल यह है कि दान की रकम की गिनती और निगरानी व्यवस्था में जो कमियां सामने आईं, उनकी जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है और आगे की कानूनी कार्रवाई किन लोगों के खिलाफ होती है।