मुंबई। ‘बिग बॉस 13’ फेम मशहूर पंजाबी अभिनेत्री और गायिका हिमांशी खुराना इन दिनों अपनी निजी जिंदगी और आस्था से जुड़े एक बड़े खुलासे को लेकर जबरदस्त चर्चा में हैं।
सह-प्रतियोगी रहे पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में पहुंचीं हिमांशी ने अपने पास्ट रिलेशनशिप, मानसिक दबाव और धर्म परिवर्तन (Conversion) की कोशिशों से पर्दा उठाया है। हिमांशी ने खुलासा किया कि एक दौर ऐसा आया था जब वे अपनी धार्मिक पहचान खोने के डर से इस कदर टूट गई थीं कि खुद से अपने अंतिम संस्कार तक का सवाल पूछने लगी थीं।
“मुझ पर धर्म बदलने और पूजा-पाठ बंद करने का दबाव था”
बिना किसी का नाम लिए अपने अतीत के रिश्ते पर बात करते हुए हिमांशी ने बताया कि उन पर इस्लाम कबूल करने और अपनी मूल आस्था को छोड़ने का मानसिक दबाव बनाया गया था:
“एक रात ऐसा वाकया हुआ जब मुझसे कहा गया कि इसके बाद तुम पूजा-पाठ नहीं कर सकतीं। मैंने उस वक्त कहा कि मुझे उससे पहले चार धाम और सभी प्रमुख मंदिरों के दर्शन करने दो, क्योंकि इसके बाद शायद मैं कभी अपने भगवान से नहीं मिल पाऊंगी। मुझे ऐसा अहसास कराया जा रहा था जैसे मैं अपनी पहचान को हमेशा के लिए अलविदा कह रही हूं।” — हिमांशी खुराना
टर्निंग पॉइंट: ‘अगर दुआ भी पढूं, तो अंदर से वाहेगुरु निकलेगा’
हिमांशी ने पॉडकास्ट में अपनी आंतरिक कश्मकश और उस टर्निंग पॉइंट का जिक्र किया, जिसने उन्हें इस रिश्ते और फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया:
- आस्था और धोखा: हिमांशी ने कहा, “अगर मैं सामने वाले के धर्म की प्रार्थना या दुआ भी पढ़ती, तो मेरे अंदर से ‘ऊं नमः शिवाय’ और ‘वाहेगुरु’ ही निकलता। मुझे अहसास हुआ कि ऐसा करना अपने आप से और ईश्वर से धोखा होगा।”
- अंतिम संस्कार का सवाल: मानसिक तनाव के उस चरम दौर में हिमांशी के मन में यह सवाल कौंधने लगा कि—“अगर मैं यह रास्ता चुनती हूं, तो मरने के बाद मुझे जलाया जाएगा या दफनाया जाएगा?” इसी अहसास ने उनके आत्म-सम्मान और चेतना (Self-Consciousness) को जगाया।
“किसी भी रिश्ते में धर्म बदलने की बंदिश नहीं होनी चाहिए”
धर्म और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर अपने विचार साझा करते हुए हिमांशी खुराना ने स्पष्ट कहा कि किसी भी रिश्ते में साथी पर अपना धर्म थोपना गलत है। हर इंसान को अपनी मान्यताओं, आस्था और धार्मिक पहचान के साथ जीने का पूरा अधिकार होना चाहिए।