चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टनल में पानी और मलबा घुसने से हुए हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 14 लोग घायल हुए हैं। हादसा गुरुवार शाम टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) की जलविद्युत परियोजना के निर्माण स्थल पर हुआ। राहत और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक एक मजदूर अब भी लापता है।
कैसे हुआ चमोली टनल हादसा?
अधिकारियों के मुताबिक, पीपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन सुरंग के भीतर अचानक पानी और भारी मात्रा में मलबा घुस आया। उस समय मजदूर टनल के अंदर निर्माण कार्य में जुटे थे। अचानक पानी और मलबे का प्रवाह बढ़ने से कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन के साथ SDRF, NDRF और अन्य बचाव एजेंसियों को मौके पर भेजा गया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
हादसे में 7 मजदूरों की मौत
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों में टिहरी जिले के गेंवाल निवासी प्रदीप सिंह पवार, चमोली के मुकेश, बिहार के दुर्लभ शर्मा, झारखंड के विजय और जितेंद्र कुमार शामिल हैं। इसके अलावा लोकेश्वर और भुनेश्वर की भी मौत हुई है। इन दोनों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
14 घायल मजदूर अस्पताल में भर्ती
हादसे में घायल 14 मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें छत्तीसगढ़ के सुनील दीवान और पेन सिंह, झारखंड के हाबिल गुड़िया, निस्तार भिंगरा, विनोद सावना, दीना बैगरा और खेला राम बिसरा, पंजाब के छब्बा सिंह, हिमाचल प्रदेश के तिलक राज तथा बिहार के चंदन कुमार, अवधेश, नंदलाल और रोहित पांडे शामिल हैं।
इनमें गोविंद को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि रोहित पांडे को बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज गोपेश्वर जिला अस्पताल में चल रहा है।
22 मजदूर थे टनल के अंदर
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे के समय टनल के भीतर 22 श्रमिक मौजूद थे। बचाव अभियान के दौरान अधिकांश श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया। हादसे में सात की मौत हुई और 14 घायल हुए, जबकि एक श्रमिक के बारे में अभी तलाश जारी है।
CM धामी ने लिया हादसे का संज्ञान
हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति का जायजा लिया और राहत-बचाव अभियान को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। प्रशासन का पूरा ध्यान टनल में फंसे या लापता श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालने पर है।
चमोली का यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े निर्माण और सुरंग परियोजनाओं के दौरान श्रमिक सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को सामने लाता है। पीपलकोटी में इससे पहले भी THDC परियोजना से जुड़े निर्माण कार्य के दौरान हादसे सामने आ चुके हैं।