इस स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की सुरक्षा सिर्फ पहरेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह हाई-टेक और नेक्स्ट-जेन हो चुकी है। दिल्ली पुलिस ने इस बार सुरक्षा चक्र को पूरी तरह फूल-प्रूफ बनाने के लिए ‘अभिज्ञान’ (Abhigyan) नाम का एक नेक्स्ट-जेन AI ऐप डिप्लॉय किया है, जो सेकंड्स में किसी भी संदिग्ध की कुंडली स्क्रीन पर लाकर रख देता है।
‘अभिज्ञान’ ऐप और बायोमेट्रिक टेक की पावर
लाल किले के वीवीआईपी जोन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नजर रखने के लिए सुरक्षाबलों को एडवांस हैंडहेल्ड बायोमेट्रिक डिवाइस दिए गए हैं, जो डायरेक्ट इस ऐप से कनेक्टेड हैं।
• इंस्टेंट फिंगरप्रिंट स्कैनिंग: क्राउड के बीच किसी पर भी जरा सा भी शक होने पर सुरक्षाकर्मी मौके पर ही उसका फिंगरप्रिंट स्कैन कर सकते हैं।
• 1 करोड़+ क्रिमिनल डेटाबेस: यह ऐप स्कैन किए गए फिंगरप्रिंट को बैकएंड में मौजूद 1 करोड़ से ज्यादा अपराधियों के नेशनल डेटाबेस के साथ रियल-टाइम में मैच करता है।
कैसे काम करता है स्मार्ट कलर-कोडेड सिस्टम?
फील्ड पर काम करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए इसे बेहद यूजर-फ्रेंडली और फास्ट बनाया गया है। स्कैनिंग पूरी होते ही यह ऐप दो विजुअल सिग्नल्स के जरिए रिजल्ट देता है:
• रेड सिग्नल: अगर फिंगरप्रिंट किसी वांटेड या क्रिमिनल रिकॉर्ड से मैच होता है, तो स्क्रीन पर रेड अलर्ट ब्लिंक होने लगता है और उस व्यक्ति की पूरी क्रिमिनल हिस्ट्री सामने आ जाती है।
• ग्रीन सिग्नल: अगर कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं मिलता है, तो ग्रीन सिग्नल शो होता है और यूजर को तुरंत ग्रीन लाइट मिल जाती है।
डिफेंस के दूसरे हाई-टेक लेयर्स
‘अभिज्ञान’ ऐप के अलावा इस साल लाल किले के सुरक्षा कवच को और मजबूत करने के लिए कई कटिंग-एज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है,
• फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS): इवेंट एरिया के चारों ओर स्मार्ट सर्विलांस कैमरे लगे हैं जो फेस स्कैन करके इमीडिएटली संदिग्धों को ट्रैक करते हैं।
• एंटी-ड्रोन सिस्टम: एरियल थ्रेट्स (आसमान से होने वाले खतरे) को न्यूट्रलाइज करने के लिए एंटी-ड्रोन जैमर्स और टेक तैनात है।
• 1,000 से ज्यादा सीसीटीवी सर्विलांस: पूरे इलाके की पल-पल की अपडेट मॉनिटर करने के लिए करीब 1,000 हाई-डेफिनिशन कैमरे एक्टिव हैं।