रांची। झारखंड में JPSC और JSSC (CGL) भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। सोमवार को राज्यभर के अलग-अलग जिलों से हजारों की संख्या में छात्र राजधानी रांची पहुंचे और विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकाला। 9 दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अगुवाई में युवाओं ने साफ कर दिया है कि जब तक CGL परीक्षा रद्द नहीं होती, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
100% मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
सरकार द्वारा 98 प्रतिशत मांगें मान लेने के दावे पर छात्र नेता देवेंद्र महतो ने कड़ा रुख अपनाया है। भूखे-प्यासे और कमजोर अवस्था में भी महतो ने स्पष्ट किया, “झारखंड का युवा अब समझौते के लिए नहीं, बल्कि क्रांति के लिए खड़ा है। हमें 1% समझौता भी मंजूर नहीं है, हमारी 100% मांगें पूरी होनी चाहिए।”
राजनीति से परे, सभी दलों के समर्थन का स्वागत
बीजेपी और अन्य राजनीतिक दलों के समर्थन पर देवेंद्र महतो ने कहा कि इस आंदोलन को किसी एक पार्टी का ठप्पा न दिया जाए। उन्होंने JMM और कांग्रेस के नेताओं को भी छात्रों के हक में आगे आने का न्योता दिया। महतो ने कहा, “यह लड़ाई किसी दल की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य की है।”
विपक्ष के तीखे हमले: ‘CBI जांच से क्यों भाग रही JMM सरकार?’
- संजय जायसवाल (BJP MP): बीजेपी सांसद ने राज्य सरकार पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि जब छात्र निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, तो JMM सरकार मामले को CBI को सौंपने से क्यों हिचकिचा रही है?
- जयराम कुमार महतो (JLKM): विधायक जयराम महतो ने कहा कि CGL परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। जब 400 अभ्यर्थियों के चयन में गड़बड़ी की बात सामने आ चुकी है, तो सरकार को तुरंत परीक्षा रद्द करनी चाहिए।
- अखिलेश यादव (सपा प्रमुख): समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी बयान जारी कर कहा कि युवाओं के रोजगार और भविष्य के लिए केंद्र सरकार भी उतनी ही जिम्मेदार है।
रांची में कड़े सुरक्षा इंतजाम, बैरिकेडिंग पर रुके छात्र
पुराने विधानसभा गेट से आगे बढ़े छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग की है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उन्हें लाठीचार्ज या पुलिसिया कार्रवाई का कोई डर नहीं है। छात्रों का विश्वास है कि सरकार उनकी जायज मांगों को सुनेगी।