अगर आप आने वाले दिनों में बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश या मध्य प्रदेश के रास्ते ट्रेन से सफर करने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। भारतीय रेलवे ने एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के चलते मेगा ब्लॉक का ऐलान किया है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस ब्लॉक की वजह से कुल 338 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
क्या है पूरी वजह?
बिहार के पटना-किऊल रेलखंड पर गंगा नदी के ऊपर बने राजेंद्र पुल के समानांतर एक नया रेल ब्रिज बनकर तैयार हो चुका है। अब इस नए पुल को मुख्य रेलवे ट्रैक से जोड़ने का काम शुरू किया गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, तकनीकी रूप से यह काम बेहद अहम है ताकि आने वाले समय में ट्रेनों की रफ्तार और क्षमता दोनों को बढ़ाया जा सके।
कब तक रहेगा असर?
यह नॉन-इंटरलॉकिंग वर्क 21 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच अलग-अलग तारीखों पर चलेगा। इन लगभग 15 दिनों के दौरान इस रूट पर चलने वाली मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह कड़ा कदम उठाया है।
इन राज्यों के यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
इस मेगा ब्लॉक का सबसे ज्यादा असर बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। कई पॉपुलर ट्रेनों के पहिए थम गए हैं, तो कुछ ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं या उन्हें बीच रास्ते में ही शॉर्ट-टर्मिनेट (Short-Terminate) किया जा रहा है।
प्रमुख कैंसिलेशन और डायवर्जन
हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस और हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस जैसी कई ट्रेनें इस दौरान रद्द रहेंगी।
कोलकाता से यूपी के गाजीपुर और मध्य प्रदेश के झांसी तक जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें भी इस ब्लॉक की चपेट में हैं।
मालदा टाउन और नई दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
एक्सपर्ट्स का कहना है की अगर आपका सफर इस रूट पर तय है, तो घर से निकलने से पहले रेलवे की ऑफिशियल वेबसाइट, IRCTC ऐप या NTES (National Train Enquiry System) के जरिए अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें। आखिरी वक्त की परेशानी से बचने के लिए वैकल्पिक रूट्स या बसों का विकल्प भी खुला रखें।