नीट पेपर लीक विवाद (NEET Paper Leak Case) को लेकर बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है। जन शक्ति पार्टी (JJD) प्रमुख तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) और भाकपा-माले विधायक सौरभ की गिरफ्तारी के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार (26 जुलाई, 2026) को पटना पहुंचते ही तेजस्वी ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तार छात्रों और नेताओं को रिहा नहीं किया गया, तो पूरे राज्य में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
समझौता टूटने का आरोप: ‘मामले वापस लेने का हुआ था तय’
पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि नीट पेपर लीक के खिलाफ देश भर के छात्रों ने अपने बेहतर भविष्य के लिए लड़ाई लड़ी है, जिसका विपक्ष ने खुलकर समर्थन किया।
तेजस्वी ने बड़ा दावा करते हुए कहा:
“शनिवार को यह तय हुआ था कि देश भर में आंदोलनकारी छात्रों और नेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे। लेकिन लोकतंत्र की जननी बिहार में पुलिस जबरन फर्जी धाराएं लगाकर छात्रों और जनप्रतिनिधियों को जेल में ठूंस रही है। सैकड़ों छात्रों को हिरासत में ले लिया गया है।”
‘आग्रह नहीं, चेतावनी दे रहे हैं…’
आरजेडी नेता ने तीखे लहजे में कहा कि जब समझौता हो चुका था, तो बिहार में बदले की भावना से कार्रवाई क्यों की जा रही है? उन्होंने कहा, “हमारे बड़े भाई तेज प्रताप यादव और माले विधायक सौरभ को गलत धाराओं में गिरफ्तार किया गया। हम सरकार से कोई आग्रह नहीं, बल्कि साफ चेतावनी दे रहे हैं—अगर सभी गिरफ्तार छात्रों और नेताओं से केस वापस लेकर उन्हें रिहा नहीं किया गया, तो हम सड़क से संसद तक बड़ा आंदोलन करेंगे।”
बिहार के सीएम पर बोला हमला: ‘सड़कछाप गुंडा…’
तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) पर सीधा हमला बोलते हुए बेहद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा:
- ‘ना चेहरे पर वोट मिला, ना काम पर’: तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री को न तो उनके चेहरे पर जनता का समर्थन मिला और न ही काम के दम पर।
- पुलिस के दुरुपयोग का आरोप: तेजस्वी ने आरोप लगाया कि प्रशासन का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है और पुलिस को भी हिंसक कार्रवाई के लिए उकसाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि शनिवार को आंदोलनकारी छात्रों पर एके-47 तक से फायरिंग की गई।