नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, लेकिन उससे पहले ही राजधानी दिल्ली में सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। बैठकों का दौर जारी है और सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
विपक्ष के निशाने पर ये बड़े मुद्दे
इस बार विपक्ष बेरोजगारी, महंगाई और NEET पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इन मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाने के संकेत दे चुके हैं।
सरकार की रणनीति और अहम बैठक
दूसरी ओर, सरकार अपने महत्वपूर्ण विधेयकों को पास कराने के लिए रणनीतिक तैयारी कर रही है। इसी सिलसिले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर आज मंत्रियों के समूह (GoM) की अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें आगामी सत्र की रूपरेखा और समन्वय पर चर्चा होगी।
मानसून सत्र में पेश हो सकते हैं ये बिल
सूत्रों (ANI) के मुताबिक, सरकार लोकसभा में इन 5 नए विधेयकों को ला सकती है:
- इनकम-टैक्स (संशोधन) बिल, 2026
- सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन बिल, 2026
- जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026
- राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल, 2026
- MSME विकास (संशोधन) बिल, 2026
🔸 इसके अलावा, दो लंबित बिलों पर भी चर्चा संभव है:
- विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन बिल, 2026
- विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल, 2025
परिसीमन और ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ पर सियासत
हालांकि सरकार की आधिकारिक सूची में परिसीमन (Delimitation) और ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ का जिक्र नहीं है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इन्हीं मुद्दों की है। विपक्ष को आशंका है कि सरकार इन पर आगे बढ़ सकती है, जबकि कांग्रेस ने परिसीमन बिल का खुलकर विरोध करने की बात कही है।
19 जुलाई को विपक्ष की बड़ी बैठक
सत्र से ठीक एक दिन पहले यानी 19 जुलाई को विपक्षी दलों की अहम बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें साझा रणनीति तय की जाएगी।