Highlights
- 6 अप्रैल 2026 को शपथ लेने वाली टीएमसी (TMC) सांसद कोयल मल्लिक का चौंकाने वाला इस्तीफा, राज्यसभा में टीएमसी के बचे सिर्फ 9 सांसद।
- उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को सौंपा इस्तीफा; बीजेपी के कद्दावर नेता भूपेंद्र यादव के साथ तस्वीर आने के बाद सियासी हड़कंप।
- मॉनसून सत्र से ठीक पहले बंगाल में खेला! सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव के बाद ममता को लगा एक और करारा झटका।
- Bengal Politics Big Twist: महज 90 दिनों में ‘टॉली-क्वीन’ का तृणमूल से मोहभंग!
कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में मॉनसून सत्र से ठीक पहले एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। बंगाली सिनेमा की ‘टॉली-क्वीन’ और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक (Koel Mallick) ने संसद सदस्यता और पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
यह खबर इसलिए सबसे ज्यादा चौंकाने वाली है क्योंकि कोयल मल्लिक ने इसी साल 6 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हुए उच्च सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली थी। महज 3 महीने के भीतर ही उनका टीएमसी और राज्यसभा से मोहभंग हो गया, जिसने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खेमे में खलबली मचा दी है।
उपराष्ट्रपति से मुलाकात और इस्तीफे की इनसाइड स्टोरी
सूत्रों के मुताबिक, कोयल मल्लिक ने नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात कर अपना आधिकारिक इस्तीफा सौंप दिया है। कोयल के इस कदम के बाद राज्यसभा में टीएमसी की ताकत कमजोर हुई है और सदन में उसके सांसदों की संख्या घटकर अब सिर्फ 9 रह गई है।

बीजेपी के साथ ‘खेला’ होने के संकेत:
कोयल मल्लिक के इस्तीफे के तुरंत बाद राजनीतिक गलियारों में उस वक्त अटकलें तेज हो गईं, जब बीजेपी के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ उनकी एक मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई। माना जा रहा है कि बीजेपी उन्हें पश्चिम बंगाल से अपना नया दांव बना सकती है।
ममता बनर्जी की बढ़ी टेंशन: पहले 20 लोकसभा सांसद, अब राज्यसभा में टूट!
संसद के मॉनसून सत्र से ठीक पहले बीजेपी दोनों सदनों में अपना आंकड़ा मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। टीएमसी के लिए यह क्राइसिस नई नहीं है:
- पहले भी लगे झटके: कुछ ही दिन पहले टीएमसी के दिग्गज नेता सुखेंदु शेखर राय, प्रकाश चिक बराइक और सुष्मिता देव ने भी पार्टी छोड़ दी थी, जिन्हें बीजेपी ने बंगाल से अपना कैंडिडेट घोषित कर दिया है।
- लोकसभा में भी बड़ी टूट: इससे पहले टीएमसी के 20 लोकसभा सांसदों ने बगावत करते हुए पार्टी का दामन छोड़ दिया था और NCPI में मर्जर करके एनडीए (NDA) सरकार को समर्थन दे दिया था। अब कोयल मल्लिक का जाना ममता बनर्जी के लिए तगड़ा झटका है।
टॉलीवुड की नंबर-1 एक्ट्रेस से पॉलिटिक्स तक का सफर
राजनीति में कदम रखने से पहले कोयल मल्लिक बंगाली फिल्म इंडस्ट्री का सबसे बड़ा और लोकप्रिय चेहरा रही हैं।
- करियर की शुरुआत: उन्होंने साल 2003 में सुपरहिट फिल्म ‘नेटर गुरु’ से डेब्यू किया था।
- ब्लॉकबस्टर फिल्में: इसके बाद ‘बंधन’ (2004), ‘शुभदृष्टि’, ‘पागलू’, ‘हेमलॉक सोसाइटी’ और लेडी डिटेक्टिव वाली ‘मितिन माशी’ (2019) सीरीज से उन्होंने इंडस्ट्री पर राज किया।
- अवॉर्ड्स: बेहतरीन अभिनय के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड बांग्ला, दो BFJA अवॉर्ड और साल 2023 में बंगाल सरकार का सबसे प्रतिष्ठित ‘महानायक सम्मान’ भी मिल चुका है।
अब देखना यह होगा कि टॉलीवुड की यह क्वीन बीजेपी का कमल थामकर बंगाल की राजनीति में क्या नया मोड़ लाती हैं।