नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) समय-समय पर खाताधारकों को पीएफ खाते में नॉमिनी जोड़ने की सलाह देता है, ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में परिवार को दावे की प्रक्रिया में परेशानी न हो। हालांकि, अब भी बड़ी संख्या में ऐसे सदस्य हैं जिन्होंने अपने पीएफ खाते में नॉमिनी नहीं जोड़ा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी सदस्य की मौत हो जाए तो उसके पीएफ खाते में जमा राशि का क्या होगा और पैसा किसे मिलेगा?
क्या नॉमिनी नहीं होने पर पीएफ का पैसा डूब जाता है?
कई लोगों को लगता है कि पीएफ खाते में नॉमिनी नहीं होने पर सदस्य की मृत्यु के बाद जमा राशि खत्म हो जाती है। हालांकि ऐसा नहीं है। सदस्य की मौत के बाद भी पीएफ खाते में जमा पूरी रकम सुरक्षित रहती है और वह डूबती नहीं है।
बिना नॉमिनी के किसे मिलती है पीएफ की रकम?
यदि किसी ईपीएफओ सदस्य ने नॉमिनी नहीं बनाया है और उसकी मृत्यु हो जाती है, तो खाते में जमा राशि पात्र परिवार के सदस्यों या कानूनी वारिसों को दी जाती है। हालांकि, इस स्थिति में दावा प्रक्रिया अपेक्षाकृत अधिक जटिल हो जाती है और भुगतान मिलने में सामान्य से अधिक समय लग सकता है।
दावा करने के लिए पूरे करने होंगे जरूरी दस्तावेज
नॉमिनी नहीं होने की स्थिति में परिवार को पीएफ राशि प्राप्त करने के लिए कई जरूरी दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं। सभी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र परिवार के सदस्यों या कानूनी वारिसों के बीच राशि का वितरण किया जाता है। यही वजह है कि ईपीएफओ समय रहते पीएफ खाते में नॉमिनी जोड़ने की सलाह देता है।
कब इनऑपरेटिव कैटेगरी में चला जाता है खाता?
यदि ईपीएफओ खाते में जमा राशि पर लंबे समय तक कोई दावा नहीं किया जाता और खाता तीन वर्ष तक निष्क्रिय रहता है, तो उसे इनऑपरेटिव श्रेणी में डाल दिया जाता है। ऐसे में परिवार को सलाह दी जाती है कि सदस्य की मृत्यु के बाद समय पर दावा दाखिल कर प्रक्रिया पूरी करें।