वॉशिंगटन/तेहरान।अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब एक नए और बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देश अब सिर्फ मिसाइलें नहीं दाग रहे, बल्कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) पर कब्जा कर खुद को उसका ‘गार्जियन’ (रखवाला) साबित करने पर तुले हैं। इस ‘टोल वॉर’ के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है।
1. राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दांव: “हम वसूलेंगे 20% टोल टैक्स”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना दावा ठोकते हुए एक हैरान करने वाला एलान किया है।
- ट्रंप की दलील: होर्मुज से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को ‘सेफ पास’ (सुरक्षित रास्ता) देने का पूरा खर्च अमेरिकी सेना उठा रही है।
- टोल टैक्स: ट्रंप ने घोषणा की है कि इस रास्ते का इस्तेमाल करने वाले जहाजों से अमेरिका 20 फीसदी टोल टैक्स वसूलेगा और वही इस रूट का असली गार्जियन है।
2. ईरान ने उड़ाया ट्रंप का मजाक, कहा- ‘टैक्स थोड़ा ज्यादा है’
ईरान ने अमेरिका के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए होर्मुज में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सोशल मीडिया पर ट्रंप तंज कसते हुए लिखा-“अमेरिकी राष्ट्रपति सही कह रहे हैं कि जो सुरक्षित मार्ग देगा, टोल उसे ही मिलना चाहिए। ईरान हमेशा से इस समुद्री रास्ते का गार्जियन रहा है और रहेगा। हालांकि, ट्रंप का 20% टैक्स बहुत ज्यादा है, हम इस मामले में निष्पक्ष रहेंगे।”
3. क्या है ईरान की ‘नाकेबंदी’ (Naval Blockade) का मतलब?
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर दोबारा पूर्ण नाकेबंदी लागू करने का आदेश दिया है। इसके तहत:
- अमेरिकी नौसेना (US Navy) होर्मुज से किसी भी ईरानी जहाज को गुजरने नहीं देगी।
- कोई भी विदेशी जहाज ईरान के बंदरगाहों तक नहीं पहुंच सकेगा और न ही वहां से कच्चा तेल लाद पाएगा, जिससे ईरान का आयात-निर्यात पूरी तरह ठप हो जाएगा।
4. $69 से सीधे $85 के पार: कच्चे तेल की कीमतों में विस्फोट
दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल और नेचुरल गैस इसी होर्मुज रूट से होकर गुजरता है। दोनों देशों की इस जिद के कारण ग्लोबल मार्केट पर इसका सीधा असर दिखने लगा है…
- क्रूड ऑयल में उछाल: जो कच्चा तेल महज एक हफ्ते पहले $69 प्रति बैरल पर था, वह आज $85 प्रति बैरल को पार कर चुका है।
- बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, तेल में यह ‘बुलिश ट्रेंड’ (तेजी) फिलहाल थमने वाली नहीं है।
5. भारत और दुनिया पर क्या होगा असर?
इस जंग की आंच से भारत और चीन समेत पूरी दुनिया झुलसने लगी है:
- भारत में नहीं घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम: कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों और बढ़ती शिपिंग लागत के कारण भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम सस्ते होने की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो गई हैं। भारत का आयात बिल बढ़ने से देश पर ऊर्जा संकट का खतरा मंडरा रहा है, जिससे निपटने के लिए सरकार ने रणनीतिक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
- चीन का कदम: ईरानी तेल के सबसे बड़े खरीदार चीन ने भांप लिया है कि यह गतिरोध लंबा चलेगा। इसलिए उसने अपनी रिफाइनरियों को डोमेस्टिक प्रोडक्शन (उत्पादन) बढ़ाने के निर्देश दे दिए हैं।